नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। मणिपुर में मैतेई और चार अन्य की गिरफ्तारी के विरोध में रविवार रात को भी प्रदर्शनकारियों ने न्यायालय आदेश के बावजूद रात भर मशाल जुलूस निकाला। जिसमें इंफाल पूर्वी जिले के सेकमाई और कोइरेनगाई इलाकों में प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर टायर जलाकर बाधित कर दिया । सरकारी इमारत को जला दिया गया जिससे प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा बलों के साथ झड़प हुई। जिसके चलते मणिपुर के कई जिलों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं।
मणिपुर में मैतेई नेता और चार अन्य की गिरफ्तारी के विरोध में वांगखेई, यैरीपोक और खुराई इलाकों में भी सुरक्षाकर्मियों और प्रदर्शनकारियों को बीच झड़प हुई। जिससे इस हिंसा के चलते मणिपुर के कई जिलों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। पुलिस ने बताया, इंफाल पश्चिम जिले के क्वाकेथेल और सिंगजामेई इलाकों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों की झड़प हुई है जिसमें पुलिस ने कई राउंड आंसू गैस के गोले और रबर की गोलियां चलाकर भीड़ को तितर-बितर किया। जाने क्या क्या हुआ नुकसान।
एसडीसी कार्यालय में लगाई गई आग
इंफाल पूर्वी जिले में सब डिविजनल कलेक्टर के कार्यालय को एसडीसी कार्यालय में लगाई गई आग, जिससे कार्यालय की इमारत को नुकसान पहुंचने के साथ कार्यालय में रखे आधिकारिक दस्तावेज भी नष्ट हो गए। जिसके बाद पुलिस इस घटना की जांच शुरू कर दी है और पता लगा रही कि, इस आगजनी की घटना के पीछे कौन है। और इसी के साथ हालात को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इससे पहले वांगखेई, यैरीपोक और खुराई इलाकों में भी सुरक्षाकर्मियों और प्रदर्शनकारियों को बीच झड़प हुई। कई जगहों पर महिलाओं ने भी प्रदर्शन किया। हिंसा के चलते इंफाल पश्चिम, इंफाल पूर्व, थौबल, बिष्णुपुर और काकचिंग जिलों में प्रतिबंधात्मक आदेश लागू हैं और इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं बंद हैं।
अब तक पुलिस ने मैतई नेता के अलावा गिरफ्तार किए गए चार लोगों के बारे में जानकारी नहीं दी है।




