कोलकाता, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। कलकत्ता हाईकोर्ट की एक खंडपीठ ने बुधवार को पश्चिम बंगाल सरकार को निर्देश दिया कि वह भाजपा कार्यकर्ता अविजीत सरकार के परिवार को मुआवजा दे, जो 2021 में विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में हुई हिंसा में कोलकाता के कंकुरगाछी इलाके में मारे गए थे। मुख्य न्यायाधीश प्रकाश श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति राजर्षि भारद्वाज की पीठ ने मुख्य सचिव एच.के. द्विवेदी को इस संबंध में आवश्यक कदम उठाने को कहा। पीठ ने यह भी आदेश दिया कि मुआवजे की राशि आदेश जारी होने की तारीख से दो महीने के भीतर वितरित की जाए। यह स्वीकार करते हुए कि चुनाव के बाद की हिंसा के कारण 303 लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा, पीठ ने यह सुनिश्चित करने के लिए तीन सदस्यीय समिति के गठन का भी आदेश दिया, ताकि ये लोग सुरक्षित अपने घर लौट सकें। खंडपीठ के आदेश के अनुसार, इस समिति का एक सदस्य राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का, एक पश्चिम बंगाल मानवाधिकार आयोग का और तीसरा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण का प्रतिनिधि होगा। याचिकाकर्ताओं के वकील प्रियंका टिबरेवाल के अनुसार, 14 मार्च, 2022 को कलकत्ता हाईकोर्ट ने राज्य के डीजीपी को 303 पीड़ितों की उनके घरों में सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था। टिबरेवाल ने कहा, चूंकि राज्य पुलिस ने इस अदालत के आदेश पर कोई उपाय या पहल नहीं की, इसलिए अदालत ने बुधवार को इसी उद्देश्य के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाने का आदेश दिया। इस बीच, चुनाव के बाद हुई हिंसा की जांच कर रही सीबीआई टीम ने बुधवार को कलकत्ता हाईकोर्ट को एक और प्रगति रिपोर्ट सौंपी, जो इस मामले में पांचवीं है। सीबीआई ने रिपोर्ट में कहा कि वह 35 मामलों में जांच कर रही है, जिनमें से 31 मामलों में चार्जशीट दाखिल की गई है। –आईएएनएस एसजीके/एएनएम




