नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। NASA की मशहूर अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स इन दिनों भारत दौरे पर हैं। मंगलवार को दिल्ली में उन्होंने दिवंगत अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला की 90 साल की मां से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान दोनों ने पुरानी यादें साझा कीं और भावुक पल भी देखने को मिले।
”भारत आना मेरे लिए घर लौटने जैसा”
एक इंटरैक्टिव सेशन के दौरान सुनीता विलियम्स ने कहा कि भारत आना उनके लिए घर वापसी जैसा है। उन्होंने बताया कि उनके पिता ने उन्हें भारतीय संस्कृति से जोड़े रखा और वह भगवान गणेश में आस्था रखती हैं। सुनीता ने कहा कि भारत से उनका भावनात्मक रिश्ता हमेशा बना रहा है। सुनीता विलियम्स ने भारत के चंद्रयान मिशन की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि वह भारत के स्पेस प्रोग्राम को लेकर काफी आशावादी हैं। साथ ही अमेरिका और भारत के बीच बढ़ते अंतरिक्ष सहयोग को भी उन्होंने सकारात्मक कदम बताया। सुनीता को उम्मीद है कि आने वाले समय में भारत बड़े और ऐतिहासिक स्पेस मिशन पूरे करेगा। नासा के प्रशासक ने कहा, “सुनी विलियम्स मानव अंतरिक्ष उड़ान में अग्रणी रही हैं, उन्होंने अंतरिक्ष स्टेशन पर अपने नेतृत्व के माध्यम से भविष्य को आकार दिया है और लो पृथ्वी कक्षा में वाणिज्यिक मिशनों के लिए रास्ता तैयार किया है। नासा द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार आइज़ैकमान ने कहा, “विज्ञान और प्रौद्योगिकी को आगे बढ़ाने में उनके योगदान ने चंद्रमा पर आर्टेमिस मिशन और मंगल ग्रह की ओर प्रगति की नींव रखी है, और उनकी असाधारण उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों को बड़े सपने देखने और संभावनाओं की सीमाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करती रहेंगी। आपकी इस शानदार सेवानिवृत्ति पर हार्दिक बधाई. नासा और हमारे राष्ट्र के प्रति आपकी सेवा के लिए धन्यवाद।
शानदार रहा अंतरिक्ष करियर
सुनीता विलियम्स ने पहली बार 2006 में स्पेस शटल डिस्कवरी से उड़ान भरी थी। इसके बाद 2012 में वह अंतरिक्ष स्टेशन की कमांडर भी बनीं। हाल ही में जून 2024 में वह स्टारलाइनर मिशन के तहत अंतरिक्ष गई थीं और मार्च 2025 में सुरक्षित धरती पर लौटीं। NASA जॉनसन स्पेस सेंटर की निदेशक वनेसा वाइचे ने कहा कि सुनीता विलियम्स का करियर साहस, नेतृत्व और समर्पण का प्रतीक है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा। रिटायरमेंट पर बात करते हुए सुनीता ने कहा कि अंतरिक्ष उनके लिए सबसे पसंदीदा जगह रही है और NASA में बिताया समय उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान है।





