vasundhara-raje-trying-to-make-herself-the-face-of-the-party-in-rajasthan
vasundhara-raje-trying-to-make-herself-the-face-of-the-party-in-rajasthan

वसुंधरा राजे राजस्थान में खुद को पार्टी का चेहरा बनाने की कोशिश में

नई दिल्ली, 29 मार्च (आईएएनएस)। राजस्थान में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे वहां भाजपा के चेहरे के रूप में खुद को फिर से स्थापित करने की कोशिश कर रही हैं। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात कर रही हैं और पार्टी के कार्यक्रमों में हिस्सा ले रही हैं। राजे इस समय भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं और लखनऊ व देहरादून में क्रमश: उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकारों के शपथ ग्रहण समारोहों सहित कई कार्यक्रमों में दिखाई देती रही हैं। भगवा खेमे में अटकलें हैं कि राजे पार्टी के कार्यक्रमों में अपनी मौजूदगी से राजस्थान में खुद को पार्टी के चेहरे के रूप में फिर से स्थापित करने की कोशिश कर रही हैं। राजे अतीत में विभिन्न कारणों का हवाला देते हुए भाजपा राजस्थान इकाई के कई कार्यक्रमों में शामिल नहीं हुई थीं। मगर पिछले एक हफ्ते में राजे ने संसद के चालू बजट सत्र के दूसरे भाग के दौरान प्रधानमंत्री मोदी, भाजपा प्रमुख जेपी नड्डा, कुछ वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात की। पार्टी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अब सक्रिय होकर राजस्थान में भाजपा के चेहरे के रूप में अपनी स्थिति फिर से हासिल करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा, 2018 के राजस्थान विधानसभा चुनावों में भाजपा की हार के बाद राजे पर पार्टी के बजाय आत्म-प्रचार के लिए एक समानांतर संगठन चलाने का आरोप लगने के बाद उन्हें पार्टी नेतृत्व द्वारा दरकिनार कर दिया गया था। अब पार्टी के कार्यक्रमों में उपस्थित होकर राजे यह संदेश देने की कोशिश कर रही हैं कि वह सक्रिय और प्रासंगिक हैं। वह अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले विश्वास जीतने के लिए केंद्रीय नेतृत्व से भी मिल रही हैं। अगले साल के चुनाव के लिए पार्टी के चेहरों को लेकर लड़ाई शुरू हो चुकी है और सभी खेमों ने 2023 के राजस्थान विधानसभा चुनावों में भाजपा का नेतृत्व करने का दावा करना शुरू कर दिया है। राजस्थान भाजपा अध्यक्ष सतीश पूनिया के साथ राजे के मतभेद राज्य में एक खुला रहस्य है। पार्टी के एक अंदरूनी सूत्र ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री का अभी भी राजस्थान इकाई में मजबूत प्रभाव है और अब वह 2023 के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले केंद्रीय नेतृत्व के साथ अपने मतभेदों को खत्म करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा, इसमें कोई संदेह नहीं कि वह पार्टी की राजस्थान इकाई में सबसे मजबूत नेताओं में से एक हैं, जिनका राज्यभर में प्रभाव है। पार्टी की गतिविधियों में उनकी भागीदारी से पार्टी को अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में मदद मिलेगी। लेकिन यह अभी स्पष्ट नहीं है कि उन्हें केंद्रीय नेतृत्व का समर्थन है या नहीं। --आईएएनएस एसजीके/एएनएम

Related Stories

No stories found.