नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बंगाल चुनाव से पहले केंद्र सरकार ने पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत को जोड़ने की दिशा में एक बड़ी पहल की है। भारतीय रेलवे देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन गुवाहाटी और कोलकाता (हावड़ा) के बीच शुरू करने जा रहा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही इस अत्याधुनिक ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे।
रात की लंबी यात्रा के लिए खास डिजाइन
यह वंदे भारत स्लीपर ट्रेन खास तौर पर लंबी दूरी और रात भर की यात्रा को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। ट्रेन पूरी तरह एयर-कंडीशन्ड होगी और इसमें कुल 16 कोच होंगे। इनमें 11 एसी 3-टियर, 4 एसी 2-टियर, 1 एसी फर्स्ट क्लास कोच शामिल है। एक ट्रेन में कुल 823 यात्री आरामदायक सफर कर सकेंगे। इस ट्रेन की डिजाइन स्पीड 180 किमी प्रति घंटा है, जबकि व्यावसायिक संचालन के दौरान इसे 160 किमी प्रति घंटा तक चलाया जाएगा। ट्रायल रन के दौरान ट्रेन ने 180 की स्पीड हासिल की और स्थिरता इतनी बेहतर रही कि पानी से भरे गिलास भी बिना छलके संतुलित रहे।
कितना होगा किराया?
भारतीय रेलवे के मुताबिक, गुवाहाटी से हावड़ा के बीच वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का किराया हवाई यात्रा के मुकाबले किफायती रहेगा। एसी 3-टियर का किराया 2,300 रुपये है, और एसी 2-टियर का 3,000 रुपये एसी फर्स्ट क्लास 3,600 रुपये है। इस ट्रेन में यूरोपियन डिजाइन स्टैंडर्ड पर आधारित कोच होंगे। यात्रियों को आरामदायक गद्देदार बर्थ, बेहतर अपर बर्थ एक्सेस और रात के समय सॉफ्ट लाइटिंग मिलेगी। इसके अलावा ट्रेन में CCTV कैमरे विज़ुअल इंफॉर्मेशन डिस्प्ले पब्लिक एड्रेस सिस्टम मॉड्यूलर पेंट्री यूनिट जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी। ट्रेन में एडवांस्ड बायो-वैक्यूम टॉयलेट, दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष शौचालय, बेबी केयर एरिया और फर्स्ट क्लास कोच में गर्म पानी का शॉवर दिया गया है। सुरक्षा के लिए स्वदेशी कवच एंटी-कोलिजन सिस्टम लगाया गया है। हर कोच में रीडिंग लाइट, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट, फोल्डेबल टेबल और इमरजेंसी टॉकबैक सिस्टम होगा।
खाने में मिलेगा स्थानीय स्वाद
रेल मंत्री ने बताया कि गुवाहाटी से चलने वाली ट्रेन में असमिया व्यंजन, जबकि कोलकाता से चलने वाली ट्रेन में बंगाली भोजन परोसा जाएगा, ताकि यात्रियों को स्थानीय स्वाद का अनुभव मिल सके। भारतीय रेलवे अगले छह महीनों में 8 और वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें शुरू करने की योजना बना रहा है। साल के अंत तक इनकी संख्या 12 हो जाएगी। आने वाले वर्षों में देशभर में 200 से अधिक वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें चलाने का लक्ष्य रखा गया है। यह नई ट्रेन न सिर्फ यात्रा को तेज और आरामदायक बनाएगी, बल्कि पूर्वोत्तर भारत को देश के अन्य हिस्सों से और मजबूती से जोड़ेगी।





