नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। संभल में 24 नवंबर को जामा मस्जिद सर्वे के दौरान भड़की हिंसा के छह मामलों में पुलिस ने बृहस्पतिवार को चार्जशीट दाखिल कर दी। 208 आरोपियों के खिलाफ दायर इस चार्जशीट में 4175 पन्नों में पूरी घटना का विस्तृत विवरण दिया गया है।
कैसे भड़का था Sambhal Violence?
19 नवंबर 2024 को सिविल जज सीनियर डिवीजन आदित्य कुमार की कोर्ट में जामा मस्जिद को हरिहर मंदिर होने का दावा किया गया था। कोर्ट ने रमेश सिंह राघव को कोर्ट कमिश्नर नियुक्त कर सर्वे का आदेश दिया था। उसी दिन शाम को उन्होंने मस्जिद का सर्वे किया। इसके बाद 24 नवंबर को सुबह 7:30 बजे जब कोर्ट कमिश्नर, डीएम और एसपी की मौजूदगी में दोबारा सर्वे करने पहुंचे, तो भारी विरोध शुरू हो गया। देखते ही देखते माहौल हिंसक हो गया। इस हिंसा में चार लोगों की जान चली गई और कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।
पुलिस ने 208 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की
हिंसा के मामले में कुल सात एफआईआर दर्ज की गई थीं, जिनमें से पांच मामले कोतवाली संभल और दो नखासा थाने में दर्ज हुए थे। बृहस्पतिवार को पुलिस ने इनमें से छह मामलों में चार्जशीट दाखिल कर दी। चार्जशीट में 208 आरोपियों के खिलाफ अपराधों का विस्तृत विवरण दिया गया है। इसमें शामिल लोगों की भूमिका, घटनास्थल पर मौजूदगी और हिंसा में उनकी भागीदारी का जिक्र किया गया है।
सपा सांसद पर दर्ज मुकदमे में चार्जशीट नहीं दाखिल
इस हिंसा से जुड़े एक अन्य मामले में संभल के सपा सांसद जियाउर्रहमान को भी नामजद किया गया था। हालांकि, पुलिस ने उनके खिलाफ अब तक चार्जशीट दाखिल नहीं की है। पुलिस का कहना है कि सांसद ने इस मामले में हाईकोर्ट में अर्जी लगाई थी और कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस कानूनी सलाह ले रही है। चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब कोर्ट में आरोपियों के खिलाफ सुनवाई शुरू होगी। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी भी जारी है और अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। संभल हिंसा का यह मामला अभी भी चर्चा में बना हुआ है और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।





