नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश में चल रही मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया की तारीखों को बढ़ा दिया गया है। अब यह प्रक्रिया पहले तय 11 दिसंबर की जगह 26 दिसंबर 2025 तक चलेगी।
इसके साथ ही ड्राफ्ट मतदाता सूची 31 दिसंबर को प्रकाशित की जाएगी। भारत निर्वाचन आयोग ने गुरुवार शाम करीब 4 बजे यह जानकारी जारी की। आयोग के डिप्टी डायरेक्टर पी. पवन के हस्ताक्षर वाले आदेश में कहा गया कि राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी की सिफारिश के आधार पर यह विस्तार दिया गया है।
क्यों बढ़ानी पड़ी SIR की तारीख?
मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) नवदीप रिनवा के अनुसार SIR के दौरान बड़ी संख्या में फॉर्म अपुष्ट पाए गए थे। अब तक मिले आंकड़ों में 99.24% फॉर्म का डिजिटाइजेशन पूरा हो चुका है इनमें से 18.85% (2.91 करोड़) प्रविष्टियां अपुष्ट हैं 1.27 करोड़ लोग स्थायी रूप से स्थानांतरित 45.95 लाख मतदाता मृत 23.69 लाख डुप्लिकेट 9.58 लाख ने फॉर्म वापस नहीं किए 84.73 लाख मतदाता अनुपस्थित मिले यही मुख्य कारण रहे जिनकी वजह से SIR को पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा गया और आयोग ने इसे मंजूरी दे दी।
अब नया शेड्यूल क्या है?
भारत निर्वाचन आयोग के नए आदेश के अनुसार SIR का इन्यूमरेशन पीरियड 26 दिसंबर 2025 तक ड्राफ्ट रोल पब्लिश 31 दिसंबर 2025 क्वालिफाइंग डेट 01 जनवरी 2026 यानी 26 दिसंबर तक सभी दावे-आपत्तियां और फॉर्म जमा किए जा सकेंगे। इसके बाद सूची को अंतिम रूप देकर वर्ष के आखिरी दिन ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी जाएगी। चुनाव आयोग ने साफ किया है कि जिन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में SIR चल रहा है, वहां ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने से पहले प्रत्येक बूथ पर नियुक्त राजनीतिक दलों के एजेंट को मृत मतदाताओं की सूचीऔर स्थानांतरित मतदाता, अनुपस्थित मतदाता, डुप्लिकेट प्रविष्टियां जैसी महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी ताकि वे भी सत्यापन में सहयोग कर सकें। हाल ही में चुनाव आयोग ने 6 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में भी दस्तावेज जमा करने की अंतिम तिथि एक सप्ताह बढ़ाई है जहाँ अब तक अपेक्षित संख्या में फॉर्म नहीं मिल पाए थे।




