नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। लोकसभा चुनाव 2024 में बीजेपी अपने दम पर बहुमत लाने में नाकाम रही। इसमें सबसे बड़ा रोल उत्तर प्रदेश का रहा। जहां बताया जा रहा था कि यूपी में बीजेपी 70 सीटें जीत सकती है। लेकिन जब रिजल्ट आया तो बीजेपी मात्र 33 सीटों पर ही जीत दर्ज कर पाई। जिसके बाद से यूपी बीजेपी में घमासान मचा हुआ है। पिछले दो दिनों से यूपी बीजेपी अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने पीएम मोदी, अमित शाह और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार इसमें उन्होंने बीजेपी के खराब प्रदर्शन पर तैयार की गई रिपोर्ट को दोहराया।
15 पेज की रिपोर्ट में छिपा है हार का कारण
बता दें कि,लोकसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन पर यूपी बीजेपी के द्वारा एक रिपोर्ट तैयार की गई है। इस 15 पेज की रिपोर्ट में यूपी की सभी 80 लोकसभा सीटों पर लगभग 40 हजार कार्यकर्ताओं से बातचीत और फीडबैक के आधार पर तैयार किया गया है। जिसपर यूपी बीजेपी अध्यक्ष ने पीएम मोदी, अमित शाह और जेपी नड्डा से चर्चा की।
रिपोर्ट के मुताबिक बीजेपी के खराब प्रदर्शन के ये रहे कारण..
- प्रदेश में अधिकारियों और प्रशासन की मनमानी
- सरकार के प्रति कार्यकर्ताओं में असंतोष
- सूबे में लगातार नौकरियों के पेपर लीक होना
- राज्य सरकार के द्वारा सरकारी नौकरियों में सामान्य वर्ग के लोगों को प्राथमिकता मिलने पर आरक्षण खत्म करने जैसे मुद्दों को बल मिलना
- राजपूत समाज की पार्टी से भयंकर नाराजगी
- बीजेपी नेताओं के द्वारा संविधान बदलने के बयान
- सरकारी अधिकारियों में पुराने पेंशन का मुद्दा हावी होना
- अग्निवीर योजना के चलते युवाओं का सरकार के प्रति असंतोष
- निचले स्तर पर चुनावी अधिकारियों के द्वारा बीजेपी के कोर वोटर्स के नाम वोटर लिस्ट से काटा जाना बड़ा कारण रहा। पार्टी की रिपोर्ट में कहा गया कि लगभग सभी सीटों पर 30 से 40 हजार वोटर्स के नाम लिस्ट से हटाये गए हैं।
राज्य के किस क्षेत्र में कितनी सीटें घटी
रिपोर्ट के मुताबिक राज्य के सभी 6 क्षेत्रों पश्चिमी यूपी, ब्रज क्षेत्र, कानपुर-बुंदेलखंड, अवध, गोरखपुर, काशी क्षेत्र में पार्टी के वोट शेयर में कम से कम 8 फीसदी की कमी आई है। पार्टी की रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिम और काशी क्षेत्र में पार्टी ने सबसे खराब प्रदर्शन किया। उसे 28 में से सिर्फ 8 सीटें हासिल की। ब्रज में 13 में से 8, गोरखपुर क्षेत्र में 13 में से सिर्फ 6 सीटें मिली, अवध में 16 में से 7 और कानपुर-बुंदेलखंड में 10 में से सिर्फ 4 सीटें मिली।
गैर OBC जातियों का नहीं मिला साथ
इसके अलावा गैर यादव ओबीसी जातियों के वोट शेयर में कमी को भी हार का कारण बताया गया है। कुर्मी, कोईरी, मौर्य, लोध और शाक्य जातियों से बीजेपी को मिलने वाले वोट प्रतिशत में कमी आई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि पार्टी इन सभी कारणों को फिर से ठीक कर ले तो पार्टी पहले जैसी स्थिति में जा सकती है।
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