नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के रास्ते सालों पहले अलग हो चुके थे। उद्धव जहां बालासाहेब ठाकरे के उत्तराधिकारी बने, वहीं राज ठाकरे ने अपनी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना बनाई। लेकिन हाल ही में संपन्न हुए महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में न शिवसेना (उद्धव) कमाल दिखा पाई और न ही मनसे। राजनीति में अलग-अलग राह पकड़ चुके दोनों भाई अब फैमिली फ्रंट पर साथ नजर आ रहे हैं। हाल ही में एक पारिवारिक कार्यक्रम में दोनों को साथ देखा गया और महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल मच गई।
भांजे की शादी में मिले उद्धव और राज ठाकरे
राज ठाकरे के भांजे यश देशपांडे की शादी में उद्धव ठाकरे और उनका पूरा परिवार शामिल हुआ था। इससे पहले 15 दिसंबर को उद्धव ठाकरे की पत्नी रश्मि के भतीजे शौनक पाटनकर की शादी में राज ठाकरे शामिल हुए थे। दोनों परिवारों को एक साथ देखकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा होने लगी है कि दोनों भाई एक हो गए हैं।
राजनीति के चलते 2006 में दोनों हुए थे अलग
रश्मि ठाकरे के भाई श्रीधर पटनाकर ने कहा कि राज ठाकरे प्यार और पारिवारिक संबंधों की वजह से शादी में आए थे। 2006 में दोनों चचेरे भाई राजनीतिक रूप से अलग हो गए। अब चर्चा है कि राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) और उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) दोनों अपने मतभेद भुलाकर बीएमसी समेत राज्यव्यापी चुनाव लड़ेंगी।
बतादें कि हाल ही में हुए राज्य विधानसभा चुनाव में दोनों पार्टियों को करारी हार का सामना करना पड़ा. दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता निकाय चुनाव में मराठी वोटों को मजबूत करने के लिए मिलकर लड़ने की मांग कर रहे हैं। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों पार्टियां एक-दूसरे का वोट खा रही हैं और उन्हें मराठी समुदाय की भलाई के लिए एक साथ आना चाहिए।





