नई दिल्ली, 27 मई (हि.स.)। केन्द्र सरकार ने उसकी ओर से जारी दिशानिर्देशों का पालन नहीं करने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफार्म ट्विटर की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि ट्विटर दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र पर अपनी शर्तें थोपने की कोशिश कर रहा है। इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने गुरुवार को यह भी कहा कि ट्विटर भारत की न्याय प्रणाली का अवमूल्यन करने की कोशिश कर रहा है तथा सरकार को यह हिदायत देने की कोशिश कर रहा है कि उसकी कानूनी नीति कैसी हो। ट्विटर की ओर से गुरुवार को एक वक्तव्य जारी कर नए आईटी नियमों का पालन करने के लिए 3 महीने का समय मांगा था। साथ ही ट्विटर ने यह भी कहा कि भारत में कार्यरत उसके कर्मचारियों को सुरक्षा संबंधी खतरा है। साथ ही पुलिस की जोर-जबरदस्ती वाले हथकंडों की आलोचना की। ट्विटर ने कहा कि वह सरकार द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करने का इच्छुक है लेकिन मुक्त और स्वतंत्र संवाद के मद्देनजर नए नियमों में सुधार चाहता है। ट्विटर की सलाह को खारिज करते हुए मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि देश में ट्विटर सहित सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्म के कर्मचारी सुरक्षित हैं। इन कर्मचारियों को सुरक्षा संबंधी चिंता करने की कोई बात नहीं है। साथ ही सरकार ने ट्विटर के बयान की आलोचना करते हुए इसे आधारहीन, गलत और भारत को बदनाम करने की कोशिश बताया। सरकार ने कहा कि ट्विटर अपनी गलतियों को छुपाने के लिए इस तरह की कोशिश कर रहा है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि ट्विटर को हीला हवाली करने की बजाये देश के कानून का पूरी तरह पालन करना चाहिए कानून बनाना और नीति निरूपण करना एक संप्रभु देश का अपना अधिकार है। ट्विटर को यह ध्यान रखना चाहिए वह केवल एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है तथा उसे इस बात का कोई अधिकार नहीं है कि वह सरकार को कानूनी नीतियां बनाने के बारे में हिदायत दे। ट्विटर द्वारा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के संबंध में नसीहत का उत्तर देते हुए सरकार ने कहा कि भारत में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतंत्र की गौरवपूर्ण परंपरा रही है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की सुरक्षा किसी निजी, मुनाफे पर आधारित ट्विटर जैसी विदेशी संस्था का ही अधिकार क्षेत्र नहीं है बल्कि यह दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में भारत और उसकी संस्थाओं की अपनी प्रतिबद्धता है। मंत्रालय ने कहा कि हकीकत यह है कि भारत की कानून व्यवस्था का पालन करने में आनाकानी कर ट्विटर अभिव्यक्ति की आजादी का स्वयं हनन कर रहा है। मंत्रालय ने कहा कि सरकार लोगों द्वारा उससे सवाल पूछने तथा उसकी आलोचना करने के अधिकार को मान्यता देती है। सरकार निजता के अधिकार का भी सम्मान करती है। ट्विटर पर जवाबी हमला करते हुए बयान में कहा गया कि वास्तव में ट्विटर अपनी मनमानी नीतियों के कारण अभिव्यक्ति की आजादी का हनन करता है। उसकी ओर से मनमाने तरीके से ट्विटर अकाउंट बंद किए जा रहे हैं और ट्वीट को हटाया जा रहा है। बयान में यह भी कहा गया कि ट्विटर भारत में प्रचलित कोविड स्टेन को भारतीय स्टेन कहने वालों और टीकाकरण को हतोत्साहित करने वाले लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। उल्लेखनीय है कि केन्द्र सरकार ने 25 फरवरी को सूचना-प्रौद्योगिकी संबंधी संचार माध्यमों के संबंध में दिशा-निर्देश और नियम जारी किए थे। ट्विटर फेसबुक आदि बड़े संचार माध्यमों को इन नियमों का पालन करने के लिए तीन महीने की मोहलत दी गई थी जो कल पूरी हो गई। हिन्दुस्थान समाचार/अनूप




