नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। उत्तर भारत में सर्दी बढ़ते ही घना कोहरा ट्रेनों के संचालन के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है। इसी वजह से पूर्व मध्य रेलवे ने दिसंबर से फरवरी तक कई ट्रेनों को कैंसिल करने, रूट कम करने और फेरे घटाने का फैसला किया है। रेलवे का कहना है कि कोहरे के दौरान विजिबिलिटी अचानक कम हो जाती है, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ता है। इसलिए यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह बड़ा कदम उठाया गया है।
कब तक रहेगा असर?
1 दिसंबर 2025 से 28 फरवरी 2026 तक कई ट्रेनें पूरी तरह बंद रहेंगी। कुछ ट्रेनें शॉर्ट टर्मिनेट की जाएंगी और कुछ के फेरे कम रहेंगे। इसका असर बिहार, यूपी, दिल्ली, उत्तराखंड समेत कई राज्यों के यात्रियों पर पड़ेगा।
क्यों जरूरी पड़ा यह फैसला?
कोहरे में ट्रैक और सिग्नल दिखना मुश्किल ट्रेनों की स्पीड कम करना पड़ता है एक साथ ज्यादा ट्रेन चलाना जोखिम भरा यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता रेलवे ने सलाह दी है कि लोग यात्रा से पहले ट्रेन स्टेटस जरूर चेक करें, ताकि आखिरी वक्त पर परेशानी न हो।
पूरी तरह कैंसिल रहने वाली प्रमुख ट्रेनें
ट्रेन नंबर रूट स्टेटस
14112/14111 प्रयागराज जं.- मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस कैंसिल
22198/22197 वीरांगना लक्ष्मीबाई (झांसी)- कोलकाता एक्सप्रेस कैंसिल
12327/12328 हावड़ा- देहरादून उपासना एक्सप्रेस कैंसिल
14003/14004 मालदा टाउन- नई दिल्ली एक्सप्रेस कैंसिल
14523/14524 बरौनी- अम्बाला हरिहर एक्सप्रेस कैंसिल
14617/14618 पूर्णिया कोर्ट- अमृतसर जनसेवा एक्सप्रेस कैंसिल
15903/15904 डिब्रूगढ़- चंडीगढ़ एक्सप्रेस कैंसिल
15620/15619 कामाख्या- गया साप्ताहिक एक्सप्रेस कैंसिल
15621/15622 कामाख्या- आनंद विहार साप्ताहिक एक्सप्रेस कैंसिल
12873/12874 हटिया- आनंद विहार एक्सप्रेस कैंसिल
22857/22858 संतरागाछी- आनंद विहार एक्सप्रेस कैंसिल
18103/18104 टाटानगर- अमृतसर एक्सप्रेस कैंसिल
इन ट्रेनों को किया जाएगा शॉर्ट-टर्मिनेट
12177 हावड़ा- मथुरा चंबल एक्सप्रेस आगरा कैंट- मथुरा जंक्शन के बीच 5 दिसंबर 2025 से 27 फरवरी 2026 तक कैंसिल 12178 मथुरा- हावड़ा चंबल एक्सप्रेस मथुरा जंक्शन- आगरा कैंट के बीच 1 दिसंबर 2025 से 23 फरवरी 2026 तक नहीं चलेगी
यात्रियों को क्या करना चाहिए?
टिकट बुक करने से पहले ट्रेन स्टेटस चेक करें यात्रा प्लान समय से करें स्टेशन जाने से पहले अपडेट देखें ज़रूरत हो तो अन्य रूट/ट्रेन की जानकारी लें।





