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प्रधानमंत्री से बोला पंचकूला का छात्र फैसला अच्छा,बेकार नहीं जाएगी मेहनत

--मोदी छात्र से बातचीत में पंचकूला प्रवास के दिनों को याद किया --दसवीं के टॉपर को 12वीं में थी टॉप की उम्मीद --प्रधानमंत्री के फैसले को सराहा, कहा ज्ञान हमेशा साथ रहता है चंडीगढ़, 03 जून (हि.स.)। सीबीएसई द्वारा गुरुवार को आयोजित की गई वर्चुअल मीट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पंचकूला के छात्र हितेश्वर शर्मा से रूबरू हुए। छात्र के साथ बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने अपने पंचकूला प्रवास के दिनों को भी याद किया। छात्रों से संवाद पंचकूला के भवन विद्यालय में 12वीं कक्षा का छात्र हितेश्वर शर्मा भी जुड़ा हुआ था। प्रधानमंत्री ने जब हितेश्वर से बात की तो उन्होंने पूछा कि वह पंचकूला में कहां रहता है। छात्र ने जब अपना पता सेक्टर दस बताया तो मोदी ने कहा कि वह लंबे समय तक सैक्टर-सात में रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी 90 के दशक में पंचकूला में रहते थे। यह सुनते ही हितेश्वर आश्चर्यचकित रह गया और उसने कहा कि उसे इस बात की जानकारी नहीं थी कि प्रधानमंत्री पंचकूला में रह चुके हैं। मोदी ने हितेश्वर से जब परीक्षाएं रद्द करने के बारे में बात की तो छात्र ने बताया कि वह दसवीं कक्षा में टॉपर था। उसने 12वीं की परीक्षाओं की तैयारी भी उसी हिसाब से कर रखी थी। इसके बावजूद उसने परीक्षाएं रद्द करने का स्वागत किया। हितेश्वर शर्मा ने कहा कि उन्हें शुरुआत में इस बात का जरूर बुरा लगा था क्योंकि उन्हें इस बार 12वीं कक्षा में भी देश में अव्वल आने की उम्मीद थी, लेकिन हितेश्वर ने प्रधानमंत्री का इस बात के लिए आभार व्यक्त किया कि कोरोना काल में छात्रों के स्वास्थ्य को सर्वोपरि रखा है। हितेश्वर ने कहा कि वह पिछले दिनों से दबाव में थे। एक तरफ कोरोना दूसरी तरफ परीक्षाओं को लेकर असमंजस था। अब यह खत्म हो गया है। हितेश्वर ने प्रधानमंत्री के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि मेहनत कभी बेकार नहीं जाती है। जिसने मेहनत की है उसके पास जो ज्ञान है वह हमेशा साथ रहता है। परीक्षा देने का विकल्प अभी भी है। अगर कोई चाहेगा तो परीक्षा दे सकता है। हिन्दुस्थान समाचार/संजीव/नरिंदर जग्गा

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