back to top
19.1 C
New Delhi
Saturday, March 14, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

Tirupati Temple Stampede : तिरुपति बालाजी मंदिर में अचानक मची भगदड़, 6 लोगों की गई जान, कई लोग घायल

तिरुपति बालाजी मंदिर में बुधवार रात भगदड़ मचने से 6 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। यह हादसा वैकुंठ द्वार दर्शन के लिए टिकट लेने की भीड़ के दौरान हुआ।

नई दिल्‍ली / रफ्तार डेस्‍क । विश्व प्रसिद्ध तिरुपति बालाजी मंदिर से बड़ी खबर सामने आयी है। बुधवार रात रुमाला स्थित भगवान वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में भगदड़ मचने से 6 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। जबकि कई लोग घायल हो गए। यह जानकारी तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के अध्यक्ष ने दी। यह भगदड़ उस समय हुई जब सैकड़ों लोग वैकुंठ द्वार दर्शन के लिए टिकट लेने की कोशिश कर रहे थे। ज्ञात हो कि 10 जनवरी से शुरू हो रहे 10 दिवसीय वैकुंठ द्वार दर्शन के लिए देश भर से सैकड़ों श्रद्धालु यहां आए हैं।इससे पहले पुलिस ने तीन महिलाओं समेत चार लोगों की मौत की जानकारी दी थी।

ऐसी मची भगदड़ 

यह घटना तिरुपति वैकुंठ द्वार से दर्शन के लिए टोकन जारी करने के दौरान हुई। वैकुंठ द्वार दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने से भगदड़ मच गई। गुरुवार सुबह पांच बजे से एसएसडी टोकन जारी करने की व्यवस्था की गई। लेकिन इस वैकुंठ द्वार के दर्शन टोकन के लिए श्रद्धालु बुधवार शाम से ही काउंटर पर पहुंच गए। एसएसडी टोकन जारी करने के लिए तिरुपति में 8 केंद्र स्थापित किए गए हैं। आठ केंद्रों पर 90 काउंटर बनाए गए हैं। लेकिन इन काउंटरों पर भक्तों की कतारें लगी रहती हैं।

घटनास्थल पर मौजूद एक महिला ने बताया कि भारी भीड़ के कारण भगदड़ मच गई। जैसे ही पुलिस अधिकारियों ने गेट खोला, तीर्थयात्री टोकन खरीदने के लिए दौड़ पड़े। इससे पहले, टोकन प्राप्त करने के लिए ऐसी कोई व्यवस्था नहीं थी। मेरे परिवार के 20 सदस्यों में से 6 लोग घायल हैं। हम सुबह 11 बजे से लाइन में खड़े थे। हमने लाइन में इंतजार करते हुए दूध और बिस्कुट खाए। हालांकि, बड़ी संख्या में पुरुष तीर्थयात्री टोकन लेने के लिए दौड़ पड़े। इसके परिणामस्वरूप कई महिलाएं घायल हो गईं। फिर अस्पताल ले जाया गया।

इस सिलसिले में श्रीनिवासम, विष्णुनिवासम और बैरागी पट्टेदा केंद्रों पर भगदड़ मच गई। उल्लेखनीय है कि एक श्रद्धालु के लाइन में गिर जाने के बाद भगदड़ मच गई थी। लेकिन ऐसी भी खबरें आई हैं कि मौतों के पीछे एम्बुलेंस चालकों की लापरवाही भी है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए टीटीडी ने टोकन जारी करने वाले केंद्रों पर एम्बुलेंस की भी व्यवस्था की है। हालांकि, बताया गया कि भगदड़ के दौरान एम्बुलेंस चालक मौजूद नहीं थे।

डॉक्टरों का कहना है कि लोगों की मौत इसलिए हुई क्योंकि उन्हें समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका। भक्तगण इस संबंध में भी आरोप लगा रहे हैं। आरोप है कि घायलों को अस्पताल ले जाने के लिए आधे घंटे से अधिक समय तक इंतजार करना पड़ा। श्रद्धालुओं ने घटनास्थल पर डीएसपी के खिलाफ भी विरोध प्रदर्शन किया। बताया जा रहा है कि मृतकों में तीन महिलाएं भी शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान, पीड़ितों के उपचार के दिये निर्देश

दूसरी ओर, मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के कार्यालय ने भी तिरुपति भगदड़ की घटना का संज्ञान लिया है। कलेक्टर, एसपी, टीटीडी अधिकारियों से बात की और घटना की समीक्षा की। अधिकारियों को घटनास्थल पर राहत उपाय करने का आदेश दिया गया। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि वह बहुत परेशान हैं। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया कि पीड़ितों को अच्छा उपचार मिले। घायलों का फिलहाल रूया अस्पताल में इलाज चल रहा है। घायलों की संख्या अधिक बताई जा रही है।

Advertisementspot_img

Also Read:

Year Ender 2025: वेंकटेश्वर से प्रयागराज तक 8 भगदड़ में 129 मौतें, भीड़ प्रबंधन की लापरवाही ने ली कई जानें

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। 2025 का साल जिसे विकास और प्रगति के नाम होना चाहिए था, लेकिन यह साल देश के इतिहास में हादसों का...
spot_img

Latest Stories