नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) बोर्ड ने अपने चार कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। आरोप है कि ये कर्मचारी एक हिंदू धार्मिक संस्था में कार्यरत होने के बावजूद कथित तौर पर ईसाई धर्म का पालन कर रहे थे, जो TTD की धार्मिक आचार संहिता के खिलाफ है।
TTD प्रशासन के अनुसार, यह कार्रवाई सतर्कता रिपोर्ट और आंतरिक जांच के आधार पर की गई है। ट्रस्ट ने स्पष्ट किया कि संबंधित कर्मचारी संस्था की धार्मिक मर्यादा और आचरण संहिता के अनुरूप आचरण करने में विफल रहे, इसलिए उन्हें निलंबित किया गया।
इन चार कर्मचारियों को किया गया निलंबित
1. बी. एलिजर- डिप्टी एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (क्वालिटी कंट्रोल)
2. एस. रोसी- स्टाफ नर्स, BIRD हॉस्पिटल
3. एम. प्रेमावती- ग्रेड-1 फार्मासिस्ट, BIRD हॉस्पिटल
4. डॉ. जी. असुंता- एसवी आयुर्वेदिक फार्मेसी
TTD के मुताबिक, इन कर्मचारियों के ईसाई धर्म का पालन करने से संबंधित जानकारी सतर्कता विभाग की रिपोर्ट और अन्य दस्तावेजों के आधार पर सामने आई। इसके बाद नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए इन सभी कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया।
संस्थान की प्रतिष्ठा बनाए रखने के लिए TTD की सख्ती
TTD ने यह स्पष्ट किया है कि एक हिंदू धार्मिक संस्था में कार्यरत कर्मचारियों से यह अपेक्षा की जाती है कि वे संस्था की परंपराओं, सिद्धांतों और मूल्यों के अनुसार आचरण करें। इस निर्णय के पीछे उद्देश्य संस्था की अनुशासन व्यवस्था और धार्मिक साख को बरकरार रखना है और इसी को ध्यान में रखते हुए यह सख्त कदम उठाया गया है।
2007 में बदले गए थे TTD के सेवा नियम
तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) ने वर्ष 2007 में अपने सेवा नियमों में संशोधन किया था, जिसके तहत गैर-हिंदू व्यक्तियों की नई नियुक्तियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। हालांकि, इस बदलाव से पहले जो गैर-हिंदू कर्मचारी पहले से नियुक्त थे, वे अब भी संस्थान में सेवा दे रहे हैं। इस संबंध में आंध्र प्रदेश की चंद्रबाबू नायडू सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि ऐसे कर्मचारियों को TTD से हटाकर अन्य सरकारी विभागों में स्थानांतरित किया जाएगा।
क्या हैं TTD के मौजूदा नियम?
TTD के वर्तमान नियमों के अनुसार, केवल हिंदू धर्म में आस्था रखने वाले व्यक्ति ही संस्था में नौकरी के पात्र माने जाते हैं। इसके साथ ही, सभी कर्मचारियों के लिए यह आवश्यक है कि वे हिंदू धर्म की परंपराओं और मंदिर की मर्यादाओं का सम्मान करें। TTD बोर्ड का यह भी कहना है कि वे मौजूदा गैर-हिंदू कर्मचारियों को राज्य सरकार के अन्य विभागों में स्थानांतरित करने या उन्हें स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) देने के विकल्प पर काम कर रहे हैं।





