नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के लोगों को फिलहाल मौसम की मार से राहत मिलती नहीं दिख रही है। पश्चिमी हिमालयी इलाकों और उनसे सटे मैदानी क्षेत्रों में 3 फरवरी तक बारिश के साथ बर्फ गिरने की संभावना जताई गई है। इस दौरान तेज हवाएं भी चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक रहने का अनुमान है। बारिश और बर्फबारी के चलते ठंड का असर और तेज हो सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। वहीं पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में सुबह और रात के वक्त घना कोहरा छाए रहने की आशंका है, जिससे दृश्यता भी प्रभावित हो सकती है।
पहाड़ों पर बर्फबारी, मैदानी इलाकों में छाए बादल
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, उत्तरी पाकिस्तान और उससे जुड़े क्षेत्रों में निचले व मध्य क्षोभमंडल में तेज चक्रवाती हवाओं के रूप में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय बना हुआ है। इसके अलावा दक्षिणी हरियाणा और आसपास के उत्तरी राजस्थान में निचले स्तर पर कम दबाव की स्थिति भी बनी हुई है। मौसम विभाग ने बताया है कि 5 से 7 फरवरी के बीच पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक और नया पश्चिमी विक्षोभ दस्तक दे सकता है। इन मौसमी सिस्टम्स के असर से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार बर्फबारी हो रही है। वहीं पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर में बादलों की आवाजाही के साथ हल्की बारिश देखने को मिल रही है। मौसम का यह मिजाज पूरे सप्ताह बना रहने की संभावना जताई गई है।
कश्मीर में फिर लौटी ठंड, बारिश-बर्फबारी से गिरा पारा
कश्मीर घाटी को कुछ दिनों की हल्की राहत के बाद एक बार फिर ठंड का सामना करना पड़ रहा है। रविवार सुबह श्रीनगर समेत कई मैदानी क्षेत्रों में हल्की बारिश दर्ज की गई, जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ गिरने की खबरें सामने आईं। मौसम में आए इस बदलाव के कारण दिन के तापमान में तेज गिरावट देखी गई और अधिकतम तापमान करीब चार डिग्री तक नीचे चला गया। मौसम विभाग के मुताबिक 2 और 3 फरवरी की रात को कुछ ऊपरी इलाकों में हल्की बारिश या हिमपात की संभावना बनी हुई है।
हरियाणा के कई जिलों में बारिश, कुछ इलाकों में गिरे ओले
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हरियाणा के मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिला है। प्रदेश के छह जिलों में हल्की बारिश दर्ज की गई, जबकि करनाल, यमुनानगर और रोहतक समेत कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि की भी सूचना मिली है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार 31 जनवरी की रात से सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के कारण रविवार सुबह बारिश हुई। उन्होंने बताया कि इस सिस्टम के चलते पूर्वी राजस्थान और दक्षिणी हरियाणा के आसपास कम दबाव की स्थिति बनी हुई है। इसका असर मंगलवार दोपहर तक बने रहने की संभावना है।
हिमाचल प्रदेश में तेज आंधी-तूफान की चेतावनी
हिमाचल प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। किन्नौर, शिमला, सिरमौर, कुल्लू, लाहौल-स्पीति, मंडी और चंबा जिलों के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ गिरने से जनजीवन प्रभावित हुआ है। वहीं शिमला, कुल्लू, लाहौल, कांगड़ा, चंबा, मंडी, ऊना और हमीरपुर में बारिश होने से ठंड का असर और बढ़ गया है।
सोलन जिले में बिजली गिरने की घटना में 54 भेड़-बकरियों की मौत हो गई, जिससे पशुपालकों को भारी नुकसान हुआ है। मौसम विभाग ने सोमवार और मंगलवार को भी राज्य के मध्य और ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश व हिमपात की संभावना जताई है। इसके साथ ही अगले 24 घंटों के लिए आंधी-तूफान की चेतावनी भी जारी की गई है। रविवार को प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 3 से 6 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया, जबकि कुछ स्थानों पर न्यूनतम तापमान में भी 2 से 6 डिग्री तक बढ़ोतरी देखी गई। लाहौल-स्पीति का ताबो इलाका सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान माइनस 3.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
राजस्थान में सर्दी का असर पड़ा कमजोर
राजस्थान में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज होने से कड़ाके की ठंड से फिलहाल कुछ राहत मिली है। रविवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस के पार रहा। अलवर सबसे ठंडा जिला रहा, जहां रात का पारा 7.2 डिग्री सेल्सियस मापा गया। पश्चिमी विक्षोभ के असर से बीते 24 घंटों में अजमेर में हल्की बारिश दर्ज की गई, जहां 1.1 मिलीमीटर बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कम से कम एक दिन तक प्रदेश में मौसम की स्थिति लगभग इसी तरह बने रहने का अनुमान है।





