नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। महाराष्ट्र में आगामी नगर निकाय चुनावों से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। जहां एक ओर दल अपने-अपने समीकरण साधने में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर महाविकास अघाड़ी (एमवीए) के भीतर मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। शिवसेना ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि एनसीपी ने अजित पवार गुट के साथ किसी भी स्तर पर गठबंधन किया, तो शिवसेना यूबीटी अपना गठबंधन तोड़ देगी।
सचिन अहीर का दो टूक संदेश
शिवसेना यूबीटी के वरिष्ठ नेता सचिन अहीर ने गुरुवार(18 दिसंबर) को बयान देते हुए कहा कि पार्टी ने एनसीपी (एसपी) के सामने अपना रुख पूरी तरह साफ कर दिया है। उन्होंने कहा कि अजित पवार की एनसीपी से किसी भी तरह का तालमेल शिवसेना को स्वीकार नहीं होगा। अगर ऐसा होता है तो शिवसेना यूबीटी के पास गठबंधन तोड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।
पुणे नगर निगम चुनाव को लेकर बातचीत
सचिन अहीर ने बताया कि शिवसेना यूबीटी पुणे नगर निगम चुनाव को लेकर एनसीपी (एसपी) से बातचीत कर रही है। इस दौरान शिवसेना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि गठबंधन केवल उन्हीं दलों के साथ संभव है, जो वैचारिक रूप से एक-दूसरे के खिलाफ न हों। उन्होंने कहा कि पार्टी ने शरद पवार गुट के सामने अपनी शर्तें और सीमाएं साफ तौर पर रख दी हैं।
अजित पवार को लेकर सख्त रुख
शिवसेना यूबीटी नेताओं का मानना है कि अजित पवार का भारतीय जनता पार्टी के साथ जाना MVA की राजनीति के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। ऐसे में उनके साथ किसी भी स्तर का तालमेल शिवसेना के लिए अस्वीकार्य है। पार्टी का कहना है कि वैचारिक स्पष्टता के बिना गठबंधन केवल चुनावी मजबूरी बनकर रह जाता है।
महाविकास अघाड़ी की एकता पर सवाल
इस घटनाक्रम के बाद महाविकास अघाड़ी की एकता पर सवाल उठने लगे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि दलों के बीच आपसी भरोसा नहीं बना, तो नगर निकाय चुनावों में विपक्षी गठबंधन कमजोर पड़ सकता है। आने वाले दिनों में शरद पवार गुट का रुख इस सियासी टकराव की दिशा तय करेगा।





