नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। जनशक्ति जनता दल के संस्थापक और लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला है। सोमवार को उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी राम विरोधी है और उसके नेता कभी अपने माथे पर चंदन तिलक नहीं लगाते। तेज प्रताप ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हर कदम पर राम, कृष्ण और महादेव का अपमान किया है। उन्होंने यह बयान केंद्रीय मंत्री गिरीराज सिंह के उस आरोप के जवाब में दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि कांग्रेस पार्टी ने मनरेगा योजना का नाम बदलकर ‘वीबी-जी राम जी अधिनियम’ करने के विरोध में समस्या जताई है। तेज प्रताप ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, गिरिराज जी बिल्कुल सही कह रहे हैं। कांग्रेस राम विरोधी है। उनके नेता अपने माथे पर तिलक नहीं लगाते, ऐसा करना चाहिए।
”धार्मिक प्रतीक का अपमान गंभीर मामला है”
तेज प्रताप यादव ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी जातियों, समुदायों और धर्मों का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सभी भाई हैं। किसी भी धर्म या जाति का अपमान नहीं होना चाहिए। मेरा आरोप केवल कांग्रेस के रवैये और उसके नेताओं के कार्यों पर है। उन्होंने आगे कहा कि राजनीति में धार्मिक भावनाओं का सम्मान होना चाहिए और किसी भी धार्मिक प्रतीक का अपमान गंभीर मामला है।
”ऐसे व्यक्तियों को बिहार आकर सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी होगी”
इसके साथ ही तेज प्रताप यादव ने बिहार की महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने उत्तराखंड की मंत्री के पति गिरधारी लाल साहू द्वारा महिलाओं के खिलाफ किए गए बयान को कठोर शब्दों में गलत ठहराया। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान देने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। तेज प्रताप ने सवाल उठाया कि वे किससे माफी मांगेंगे? क्या बिहार की बेटियों ने उन्हें माफ कर दिया है? उन्होंने यह भी कहा कि केवल माफी मांगना पर्याप्त नहीं है, बल्कि ऐसे व्यक्तियों को बिहार आकर सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी होगी।
धार्मिक और सांस्कृतिक भावनाओं का अपमान नहीं होना चाहिए
तेज प्रताप यादव का यह बयान न केवल कांग्रेस पार्टी के खिलाफ राजनीतिक हमला है, बल्कि यह महिलाओं के सम्मान और धार्मिक प्रतीकों के प्रति संवेदनशीलता को लेकर भी एक संदेश है। उनका आरोप है कि कांग्रेस पार्टी की नीतियों और नेताओं का व्यवहार धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीकों के प्रति सम्मानजनक नहीं रहा। तेज प्रताप ने जोर देकर कहा कि राजनीतिक विचारधारा अलग हो सकती है, लेकिन धार्मिक और सांस्कृतिक भावनाओं का अपमान नहीं होना चाहिए।
तेज प्रताप यादव के बयान ने हलचल मचा दी है
राजनीतिक गलियारे में तेज प्रताप यादव के बयान ने हलचल मचा दी है। कांग्रेस पार्टी के खिलाफ राम, कृष्ण और महादेव के अपमान के आरोप और महिलाओं के सम्मान को लेकर उठाए गए मुद्दे आगामी राजनीतिक चर्चाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इस बयान के बाद सोशल मीडिया और समाचार चैनलों पर भी चर्चा का विषय बन गया है, और जनता के बीच इसे लेकर विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। तेज प्रताप यादव का रुख स्पष्ट है कि धर्म और संस्कृति का सम्मान हर राजनीतिक दल और नागरिक की जिम्मेदारी है, और किसी को भी इसे नजरअंदाज करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।





