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Tuesday, March 31, 2026
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‘यारा तेरी यारी को मैने तो…’ विदाई समारोह में सरकारी कुर्सी पर बैठकर अफसर ने गाया गाना, सस्‍पेंड

सरकारी नौकरी में नियमों और अनुशासन को लेकर कई बार सख्त फैसले लिए जाते हैं। ऐसा ही एक मामला महाराष्ट्र के नांदेड़ से आया है, जहां एक तहसीलदार को सिर्फ गाना गाने की वजह से सस्पेंड होना पड़ा।

नई दिल्‍ली, रफ्तरा डेस्‍क। अक्‍सर कई बार दोस्‍तों की पार्टी या विदाई समारोह में ज्‍यादातर अमिताभ बच्चन की फिल्म ‘याराना’ का गाना ‘यारा तेरी यारी को मैंने तो खुदा माना…’ सुनाई पड़ता है, लेकिन यह एक सरकारी कार्यलाय ओर सरकारी कुर्सी में बैठकर गाना गाने से एक सरकारी अफसर तहसीलदार को भारी पड़ा गया। मामले में तहसीलदार को सस्‍पेंड कर दिया गया है। 

तहसीलदार को गाना गाने की वजह से होना पड़ा सस्‍पेंड


सरकारी नौकरी में नियमों और अनुशासन को लेकर कई बार सख्त फैसले लिए जाते हैं। ऐसा ही एक मामला महाराष्ट्र के नांदेड़ का सामने आया है, जहां एक तहसीलदार को सिर्फ गाना गाने की वजह से सस्पेंड होना पड़ा। यह पूरा मामला महाराष्ट्र के लातूर जिले की उमरी (नांदेड़) का बताया जा रहा है। इस मामले में सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी खूब वायरल हो रहा है।

अफसर ने सरकारी कुर्सी पर बैठकर गाया गाना


महाराष्‍ट्र के उमरी (नांदेड़) में तैनात तहसीलदार प्रशांत थोरात का ट्रांसफर हुआ था। इस संबंध में 8 अगस्त को उमरी तहसील कार्यालय में उनके लिए विदाई समारोह का आयोजन किया गया। समारोह के दौरान प्रशांत थोरात ने अपने दफ्तर में सरकारी कुर्सी पर बैठकर एक मशहूर गाना अमिताभ बच्चन की फिल्म याराना का गीत ‘यारा तेरी यारी को’ गाया। उनके सामने दफ्तर के अन्य सहयोगी भी बैठे थे। तहसीलदार के गाने पर तालियां बज रही थी। 

वायरल वीडियो पर अलग-अलग कमेंट्स 


किसी ने इस पल का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया, जो कुछ ही घंटों में वायरल हो गया। वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर सवाल खड़े होने लगे। कई यूजर्स ने इस पर आपत्ति जताई ओर कहा कि एक जिम्मेदार सरकारी अधिकारी को इस तरह का व्यवहार नहीं करना चाहिए। कुछ लोगों ने इसे हल्का-फुल्का और भावनात्मक पल बताया, तो वहीं कई यूजर्स ने प्रशासन की इमेज खराब होने की बात कही।

प्रशासन की छवि को नुकसान पहुंचा?


तहसीलदार के इस पूरे मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंची। अधिकारियों के अनुसार, अफसर प्रशांत थोरात का यह व्यवहार प्रशासन की छवि को नुकसान पहुंचाता है। इसे महाराष्ट्र सिविल सर्विसेज कंडक्ट रूल्स 1979 का खुला उल्लंघन है। इसके राजस्व संभागीय आयुक्त ने शनिवार को प्रशांत थोरात को सस्‍पेंड करने का आदेश जारी कर दिया।

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