नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। तमिलनाडु में अन्ना विश्वविद्यालय की एक छात्रा के साथ हुए कथित यौन उत्पीड़न मामले को विपक्षी दलों ने खुलकर राज्य सरकार के सामने रखा है। विपक्षी दलों का इसको लेकर विरोध प्रदर्शन जारी है। भारतीय जनता पार्टी और अन्नाद्रमुक ने इस मुद्दे को लेकर 26 दिसंबर 2024 को विरोध प्रदर्शन किया। बीजेपी ने आरोप लगाया कि अन्ना विश्वविद्यालय की एक छात्रा के साथ हुए कथित यौन उत्पीड़न का आरोपी द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) का पदाधिकारी है। वहीं राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी द्रमुक ने BJP के इन आरोपों को खारिज कर दिया है।
तमिलनाडु BJP अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने खुद को मारे कोड़े
भारतीय जनता पार्टी की तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने अन्ना विश्वविद्यालय की एक छात्रा के साथ हुए कथित यौन उत्पीड़न के आरोपी की द्रमुक नेताओं के साथ तस्वीरें दिखाते हुए आरोप लगाया कि आरोपी राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी द्रमुक की छात्र शाखा का पदाधिकारी है। अन्नामलाई ने दावा किया है कि आरोपी ने राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी DMK से जुड़े होने के कारण अपराध को अंजाम दिया। राज्य की पुलिस ने भी आरोपी पर कार्रवाई नहीं की।
तमिलनाडु बीजेपी अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने अपने विरोध प्रदर्शन को प्रभावी बनाने के लिए ऐलान किया था कि वह 27 दिसंबर 2024 को अपने आवास के बाहर खुद को छह बार कोड़े मारेंगे। अन्नामलाई ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा था कि जब तक राज्य में DMK सरकार सत्ता में रहेगी, तब तक वह चप्पल नहीं पहनेंगे और नंगे पैर ही रहेंगे। इसके बाद अन्नामलाई ने 27 दिसंबर 2024 को कोयंबटूर में अपने आवास के बाहर खुद को कोड़े मारे। उन्होंने इसके जरिए पुलिस और राज्य सरकार के प्रति अपना विरोध जताया।
“राज्य सरकार को ऐसे मामलों पर सख्त उठाने चाहिए”
मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, अन्ना विश्वविद्यालय की एक छात्रा के साथ हुए कथित यौन उत्पीड़न मामले में विरोध प्रदर्शन कर रहे अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन ने भी पुलिस की कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा है कि राज्य में यौन अपराध बढ़ रहे हैं और सरकार और पुलिस इस पर कोई सख्त कदम नहीं उठा रही है। अपनी बात जारी रखते हुए तमिलिसाई सुंदरराजन ने कहा कि सभी भारतीयों को विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है। राज्य सरकार को ऐसे मामलों पर सख्त उठाने चाहिए।





