नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । महाराष्ट्र की सियासत एक बार फिर गर्मा गई है। करीब दो दशक बाद ठाकरे बंधु उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक ही मंच पर नजर आए, जिससे राजनीतिक हलकों में अटकलों का दौर शुरू हो गया है। सवाल उठ रहा है कि क्या शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के बीच संभावित गठबंधन की नींव रखी जा रही है? इस बीच, MNS प्रमुख राज ठाकरे ने अपने कार्यकर्ताओं से कहा है कि गठबंधन को लेकर वे “उचित समय” पर निर्णय लेंगे।
राज ठाकरे का यह बयान ऐसे समय में आया है जब MNS का मंगलवार को नासिक जिले के इगतपुरी में तीन दिवसीय पार्टी सम्मेलन चल रहा है। इस बयान ने संभावित गठबंधन पर रहस्य और भी गहरा कर दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर यह गठबंधन होता है, तो महाराष्ट्र की चुनावी राजनीति में बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है।
दोनों दलों ने दिए गठबंधन के संकेत, लेकिन निर्णय अभी बाकी
राज ठाकरे के हालिया बयान की पुष्टि करते हुए एमएनएस के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा, “राज साहब ने कार्यकर्ताओं से स्पष्ट किया है कि फिलहाल गठबंधन को लेकर कोई त्वरित निर्णय नहीं लिया गया है, लेकिन समय आने पर इस पर विचार अवश्य किया जाएगा।” वहीं दूसरी ओर, एक रिपोर्ट के अनुसार, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे पहले ही इशारा कर चुके हैं कि वे आगामी मुंबई और अन्य नगर निकाय चुनावों से पहले एमएनएस के साथ संभावित गठबंधन को लेकर सकारात्मक हैं। हालांकि, राज ठाकरे ने इस मुद्दे पर अब तक सार्वजनिक रूप से कोई ठोस रुख नहीं अपनाया है।
मराठी अस्मिता पर एकजुट हुए ठाकरे बंधु
5 जुलाई को महाराष्ट्र की राजनीति में एक अहम दृश्य देखने को मिला, जब उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे मराठी अस्मिता के मुद्दे पर एक साथ नजर आए। मौका था राज्य सरकार द्वारा स्कूलों में हिंदी को तीसरी भाषा के रूप में लागू करने वाले दो आदेशों को रद्द करने की घोषणा का। दोनों नेताओं ने इस फैसले का सार्वजनिक रूप से स्वागत किया और साझा मंच से मराठी भाषा और संस्कृति की रक्षा को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दिखाई। इस संयुक्त उपस्थिति ने राजनीतिक गलियारों में संभावित गठबंधन की अटकलों को और तेज कर दिया। माहौल कुछ ऐसा था मानो दोनों पार्टियों ने गठबंधन की घोषणा कर दी हो, हालांकि अब तक इस बारे में कोई औपचारिक पुष्टि नहीं की गई है।
गठबंधन की संभावनाओं के संकेत दे चुके संजय राउत
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने भी उद्धव और राज ठाकरे के बीच संभावित गठबंधन को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा, “दोनों नेताओं की टिप्पणियां उत्साहवर्धक रही हैं और कार्यकर्ताओं में भी इस गठबंधन को लेकर उत्सुकता है।” राउत के बयान ने इस राजनीतिक चर्चा को और बल दिया है कि क्या ठाकरे बंधु निकाय चुनावों से पहले एक निर्णायक मोड़ पर पहुंचेंगे या यह समीकरण अभी कुछ और वक्त लेगा। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि महाराष्ट्र की राजनीति में यह नया अध्याय कब और कैसे शुरू होगा।





