नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। दिल्ली शराब घोटाला मामले में दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया लंबे समय से जेल में बंद हैं। आज मनीष सिसोदिया की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया और उन्हें जमानत दे दी। कोर्ट ने उन्हें 10 लाख रुपये तत्काल जमानत मुचलका भरने का आदेश दिया है। गौरतलब है कि सिसोदिया के खिलाफ CBI और ED के द्वारा मामला दर्ज किया गया है। जिसकी सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस के वी विश्वनाथन की बेंच फैसला सुनाया।
किसी को अनंतकाल तक जेल में नहीं रख सकते
सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में 15 मिनट सुनवाई की और सिसोदिया को जमानत दे दी। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आप किसी को अनंतकाल तक किसी को जेल में नहीं रख सकते। सुप्रीम कोर्ट ने मनीष सिसोदिया को पासपोर्ट जमा करने का आदेश दिया है।
26 फरवरी 2023 में हिरासत में हैं सिसोदिया
दिल्ली शराब घोटाला मामले में दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया 26 फरवरी 2023 से हिरासत में हैं। CBI ने दिल्ली आबकारी नीति के निर्माण एवं उसमें कथित घोटाले को लेकर सिसोदिया को गिरफ्तार किया था। ईडी ने उन्हें 9 मार्च 2023 को CBI केस से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था। जिसके बाद मनीष सिसोदिया ने 28 फरवरी 2023 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
केंद्र की तानाशाही पर जोरदार तमाचा है- संजय सिंह
मनीष सिसोदिया के जमानत मिलने पर आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि हमारे नेताओं के साथ केंद्र की सरकार ने ज्यादाती की है। आज का फैसला केंद्र की तानाशाही पर जोरदार तमाचा है। उन्होंने कहा कि अब जल्द ही हमारे नेता अरविंद केजरीवाल भी बाहर आएंगे। केंद्र सरकार की तानाशाही पर संजय सिंह ने कहा कि मनीष सिसोदिया के घर से ना कोई पैसा मिला, ना प्रॉपर्टी मिली और ना ही कुछ ऐसा मिला जिससे उनपर केस बने। लेकिन केंद्र की मोदी सरकार ने उनके खिलाफ मनमानी करते हुए उन्हें जेल भेजा।
6 अगस्त को SC ने फैसला सुरक्षित रखा था
सुप्रीम कोर्ट ने मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका पर 6 अगस्त को फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुप्रीम कोर्ट में मनीष सिसोदिया की पैरवी वरिष्ठ वकील अभिषेक सिंघवी और सीबीआई व ईडी की ओर से पेश अतिरित्कत सॉलिसिटर जनरल एस वी राजू दलीलें दी थी। गौरतलब है कि 21 मई को दिल्ली हाईकोर्ट ने सिसोदिया को जमानत देने से इनकार कर दिया था। हाईकोर्ट ने कहा था कि पद का दुरुपयोग किया गया है। सिसोदिया जेल से बाहर आकर सबूतों पर असर डाल सकते हैं।
सिसोदिया ने की थी जमानत का अनुरोध
दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम सिसोदिया ने जमानत का अनुरोध करते हुए बताया था कि वो 17 महीने से हिरासत में हैं उनके खिलाफ मुकदमें की सुनवाई अभी तक शुरू भी नहीं हुई है। ईडी और सीबीआई उनकी जमानत याचिका का विरोध किया है। प्रवर्तन निदेशालय ने कोर्ट के सामने दावा किया है कि एजेंसी के पास कुछ दस्तावेज हैं जो कथित दिल्ली आबकारी नीति घोटाले में सिसोदिया की संलिप्तता का प्रमाण देते हैं।
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