नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और YSRCP प्रमुख YS जगनमोहन रेड्डी की रैली में एक दर्दनाक घटना का मामला सामने आया है। यह पूरा मामला 18 जून का है, जब गुंटूर जिले के एतुकुरु बाईपास पर 55 वर्षीय समर्थक चीली सिंगैया जगनमोहन के काफिले की गाड़ी के नीचे कुचलकर मौत हो गई। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
सिंगैया सड़़क पर तड़पता रहा
वायरल वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है कि सिंगैया उस कार के पहियों के नीचे दब गया, जिसमें जगनमोहन खुद सवार थे। लेकिन हैरानी की बात यह है कि न तो काफिला रुका, न ही किसी ने तुरंत मदद की। समर्थकों की भीड़ अपने नेता पर फूल बरसाने में मस्त थी, जबकि एक जिंदगी उनके सामने तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया।
यह घटना उस समय हुई, जब जगनमोहन रेड्डी अपनी पार्टी के एक कार्यकर्ता की मौत हो जाने पर उनके परिवार से मिलने लिए गए थे। तो उनके काफिले में भारी भीड़ थी और समर्थक अपने नेता का स्वागत करने के लिए फूल लेकर सड़कों पर जमा थे। जगनमोहन का काफिला रुक-रुककर अपने समर्थकों का अभिवादन स्वीकार कर रहा था।
कैसे हुआ यह हादसा?
वीडियो में देखा जा सकता है कि सिंगैया शायद अपने नेता जगनमोहन का फूलों से स्वागत करने का प्रयास कर रहे थे। लेकिन यही कोशिश उनकी जान पर भारी पड़ गई और वह गाड़ी के नीचे आ गए, लेकिन उनके समर्थक उसी तरह फूल बरसाते और नारे लगाते रहे। इस बाद जगह की गाड़ी वहां से निकल गई और पीछे सिंगैया वहीं, सड़क पर खून से लथपथ हालत में पड़ा रहा। पुलिस को सूचना मिलने के बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
जगनमोहन के खिलाफ केस दर्ज
इस पूरे मामले को लेकर गुंटूर पुलिस ने गंभीरता दिखाते हुए जांच शुरू की। सिंगैया के परिजनों ने शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) (लापरवाही से मौत) के तहत मामला दर्ज किया गया। फिर वीडियो फुटेज और चश्मदीदों के बयानों के बाद पुलिस ने पाया कि सिंगैया जगनमोहन की गाड़ी के नीचे ही कुचले गए थे। इसके बाद मामले को और गंभीर मानते हुए धारा 105 (गैर इरादतन हत्या) और धारा 49 (मानव जीवन को खतरे में डालने वाला कार्य) के तहत दर्ज किया गया।
मामले में इन पर केस दर्ज
पुलिस ने गाड़ी में सवार छह लोगों को आरोपी बनाया, जिनमें जगनमोहन रेड्डी, उनके ड्राइवर रमना रेड्डी, निजी सहायक के. नागेश्वर रेड्डी, पूर्व सांसद वाई. वी. सुब्बारेड्डी, पूर्व विधायक पर्नी वेंकटेश्वर राव (पर्नी नानी), और पूर्व मंत्री विदादला रजनी शामिल हैं। ड्राइवर रमना रेड्डी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, जगनमोहन के काफिले को सिर्फ तीन गाड़ियों की इजाजत थी, लेकिन रैली में कई वाहन शामिल थे, जिससे अव्यवस्था फैली। अगर काफिले ने रफ्तार कम रखी होती या भीड़ को नियंत्रित किया गया होता, तो शायद यह हादसा टल सकता था। लेकिन हादसे के बाद की उदासीनता ने इसे और दुखद बना दिया।




