नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनके साथी बुच विल्मोर समेत क्रू-9 के अन्य सदस्य निक हेग और अलेक्सांद्र गोरबुनोव अंतरिक्ष में करीब 9 महीने बिताने के बाद सुरक्षित धरती पर लौट आए हैं। एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स के ड्रैगन कैप्सूल के जरिए उनकी सफल लैंडिंग हुई, जो कि नासा और स्पेसएक्स की कड़ी मेहनत का नतीजा है।
वापसी के बाद अंतरिक्ष यात्रियों को किन समस्याओं का सामना करना पड़ता है?
अंतरिक्ष से लौटने के बाद अंतरिक्ष यात्रियों को कई शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है, जिनमें शामिल हैं देखने में दिक्कत, चक्कर आना और चलने में समस्या बेबी फीट सिंड्रोम जिसमें पैरों की त्वचा मुलायम हो जाती है मांसपेशियों और हड्डियों की कमजोरी इन्हीं समस्याओं को देखते हुए नासा सभी अंतरिक्ष यात्रियों को कुछ दिनों के लिए विशेष निगरानी में रखता है।
NASA कितने दिन की छुट्टी देता है?
धरती पर लौटते ही अंतरिक्ष यात्रियों की रीकंडीशनिंग शुरू हो जाती है। नासा के प्रोटोकॉल के अनुसार, यह प्रक्रिया 45 दिनों तक चलती है, जिसमें हर दिन 2 घंटे की स्पेशल ट्रेनिंग मांसपेशियों और हड्डियों की मजबूती के लिए एक्सरसाइज हार्ट, ब्लड प्रेशर और अन्य मेडिकल टेस्ट 45 दिनों की इस रिकवरी के बाद अंतरिक्ष यात्री फिर से अपने सामान्य जीवन और काम पर लौट सकते हैं।
Sunita Williams को कितनी सैलरी मिलती है
सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर GS-15 कैटेगिरी के फेडरल कर्मचारी हैं। इस कैटेगिरी के कर्मचारियों को साल में 125,133 डॉलर से 162,672 डॉलर के बीच तनख्वाह मिलती है। भारतीय रुपयों में बात करें तो 1.08 करोड़ रुपये से 1.41 करोड़ रुपये। नौ महीने के हिसाब से स्पेस में रहने के दौरान उनकी सैलरी करीब 93,850 डॉलर से 122,004 डॉलर के करीब बनी यानी लगभग 81 लाख से 1.05 करोड़ रुपये। वहीं स्पेस में अतिरिक्त समय बिताने की वजह से उन्हें कम्पेंसेशन के तौर पर 1148 डॉलर यानी करीब 1 लाख रुपये मिलेंगे। इस तरह 9 महीने स्पेस में रहने के दौरान का उनका टेक होम पेमेंट 94,998 डॉलर से 123,152 डॉलर के बीच होगा यानी लगभग 82 लाख से 1.06 करोड़ रुपये।





