नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। महाराष्ट्र की राजनीति में आज एक भावुक और ऐतिहासिक पल देखने को मिला। बारामती की बहू सुनेत्रा पवार ने महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। पूर्व डिप्टी सीएम अजित पवार के आकस्मिक निधन के महज तीन दिन बाद पार्टी ने उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।
एनसीपी विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद ली शपथ
सुनेत्रा पवार को एनसीपी विधायक दल का नेता चुन लिया गया था। यह फैसला दक्षिण मुंबई स्थित विधान भवन परिसर में हुई एक अहम बैठक में लिया गया। बैठक में नेता दिलीप वलसे पाटिल ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा, जिसका समर्थन छगन भुजबल ने किया। इसी के बाद राजभवन अब लोक भवन ने पुष्टि की कि राज्यपाल आचार्य देवव्रत उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
कौन हैं सुनेत्रा पवार?
सुनेत्रा पवार का जन्म वर्ष 1963 में महाराष्ट्र के धराशिव जिले में हुआ था। उनके पिता बाजीराव पाटिल अपने क्षेत्र के प्रभावशाली नेता रहे हैं। उनके भाई पद्मसिंह पाटिल पूर्व मंत्री और पूर्व सांसद रह चुके हैं। उन्होंने 1983 में संभाजीनगर के सरस्वती भुवन कॉलेज से वाणिज्य (कॉमर्स) में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। साल 1985 में उनका विवाह अजित पवार से हुआ। विवाह के बाद लंबे समय तक सुनेत्रा पवार सक्रिय राजनीति से दूर रहीं, लेकिन सामाजिक कार्यों से उनका जुड़ाव लगातार बना रहा। काटेवाड़ी गांव में सार्वजनिक शौचालय निर्माण की पहल उनका पहला बड़ा सामाजिक कार्य माना जाता है। उनके प्रयासों से साल 2006 में काटेवाड़ी गांव को ‘निर्मल ग्राम पुरस्कार’ मिला और गांव को हगंडारी मुक्त घोषित किया गया। साल 2008 में उन्होंने ‘बारामती हाई टेक टेक्सटाइल पार्क’ की स्थापना की और उसकी अध्यक्ष रहीं। वह विद्या प्रतिष्ठान की ट्रस्टी भी हैं। 2011 से वह फ्रांसीसी थिंक टैंक वर्ल्ड एंटरप्रेन्योरशिप फोरम की सदस्य हैं। वहीं, 2017 से सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय की सीनेट में भी शामिल हैं।
शपथ ग्रहण समारोह में कौन-कौन रहा मौजूद
शपथ ग्रहण समारोह के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। इस मौके पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे, एनसीपी, बीजेपी और शिवसेना के नेता कैबिनेट के कई मंत्री मौजूद रहे। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि सुनेत्रा पवार सरकार में अपनी भूमिका कैसे निभाती हैं।





