नई दिल्ली/ रफ्तार डेस्क। पंजाब के रूपनगर जिले में तख्त केसगढ़ साहिब के बाहर कड़ी सुरक्षा के बीच शिरोमणि अकाली दल के सुखबीर सिंह बादल ने गुरुवार को ‘सेवादारी’ की। एक दिन पहले ही उन पर जानलेवा हमला हुआ था।
सुखबीर सिंह बादल वर्तमान में सिखों के अस्थायी निकाय अकाल तख्त द्वारा शिरोमणि अकाली दल (SSD) पार्टी और पंजाब में इसकी सरकार द्वारा 2007 से 2017 तक की गई “गलतियों” के लिए दिए गए धार्मिक दंड से गुजर रहे हैं।अकाल तख्त ने सुखबीर बादल को तख्त दमदमा साहिब, मुक्तसर और फतेहगढ़ साहिब में दरबार साहिब और अमृतसर में स्वर्ण मंदिर में दो-दो दिन ‘सेवादार’ की ड्यूटी निभाने का भी निर्देश दिया है।
करीब एक दर्जन आतंकवाद से जुड़े मामलों में वांछित है
स्वर्ण मंदिर में अपनी सेवा के दूसरे दिन बादल एक पूर्व खालिस्तानी आतंकवादी से बाल-बाल बच गए, जिसने उन पर नजदीक से गोली चलाई। पास में सादे कपड़ों में मौजूद पुलिसकर्मियों द्वारा काबू किए जाने के कारण शूटर चूक गया। सुखबीर सिंह बादल के तख्त केसगढ़ साही दौरे से पहले रूपनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गुलनीत सिंह खुराना ने कहा कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों को तैनात किये गए है और पुलिस हर पल हर चीज पर नजर रख रही है। बादल के अलावा शिरोमणि अकाली दल के अन्य नेता और कार्यकर्ता भी गुरुद्वारे में मौजूद थे। स्वर्ण मंदिर में गोली चलाने वाला नारायण सिंह चौरा 2004 में चंडीगढ़ में बुरैल जेल से भागने के पीछे के मास्टरमाइंड में से एक था और करीब एक दर्जन आतंकवाद से जुड़े मामलों में वांछित है।





