नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बिहार की राजधानी पटना की सड़कों पर छात्रों ने डोमिसाइल नीति को लेकर विरोध प्रदर्शन किया है। विरोध कर रहे छात्रों का कहना है कि बिहार को छात्रों के लिए डोमिसाइल नीति को लागू करे राज्य सरकार।
दूसरे राज्यों की तरह डोमिसाइल लागू करने की मांग
आंदोलन लेकर नेता दिलीप ने बताया कि डोमिसाइल नीति को लागू कराने की मांग को लेकर प्रदेश के सभी जिलों से हजारों की संख्या में छात्र पटना पहुंचे थे। प्रदेश के मुख्यमंत्री जेपी के शिष्य हैं और नेता प्रतिपक्ष जेपी के शिष्य के बेटे हैं। ऐसे में संपूर्ण क्रांति दिवस के मौके पर एक बार फिर से छात्र अपने हक की मांग को लेकर पटना की सड़कों पर उतरे हैं।
आंदालन में शामिल होने पहुंचे छात्राओं का कहना कि, बिहार के सरकारी नौकरियों में बिहार के छात्रों के साथ धोखा हो रही है। और उनके हक की नौकरी दूसरे राज्य के अभ्यर्थी ले रहे हैं। जबकि अन्य राज्यों में डोमिसाइल नीति के कारण बिहार के युवाओं को वहां नौकरी नहीं मिल रही।
90% डोमिसाइल लागू करने की मांग
छात्र आंदोलन की अगुवाई कर रहे छात्र नेता दिलीप ने कहा हमारी मांग स्पष्ट है कि, बिहार में सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण का लाभ केवल बिहार के मूल निवासियों को ही मिले। बिहार में कम से कम 90 प्रतिशत डोमिसाइल लागू होना चाहिए। हमारा पड़ोसी राज्य झारखंड और उत्तर प्रदेश अपने यहां डोमिसाइल लागू किए है। जिसके कारण यहां के छात्रों को वहां नौकरी नहीं मिल रही जबकि झारखंड और उत्तर प्रदेश के युवा बिहार में आकर नौकरी ले रहे हैं।
छात्र नेता ने कहा कि दूसरे प्रदेश के लिए कम से कम 10% ही सीटें होनी चाहिए। 3 चरण के शिक्षक बहाली में बिहार में बड़ी संख्या में दूसरे प्रदेश के अभ्यर्थी बिहार में योगदान किए हैं। उनकी संख्या वैकेंसी के अनुपात में 30% से अधिक है।
सख्त निर्णय वरना तेज होगा आंदोलन
आज 5 जून को संपूर्ण क्रांति दिवस है, जिसे जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में 1974 में शुरू हुए ऐतिहासिक आंदोलन की याद में मनाया जाता है, पर यह प्रदर्शन एक विशेष महत्व रखता है। छात्र नेता दिलीप ने कहा कि, इस दिन को बिहार के युवाओं के हितों से जुड़े इस अहम मुद्दे को उठाने के लिए चुना है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि अगर उनकी मांगों पर सरकार का कोई ठोस और संतोषजनक जवाब नहीं आता है, तो उनका आंदोलन और तेज होगा। इसके जवाबदेही सरकार ओर प्रशासन की होगी।




