नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। UP में आरओ (RO) और सहायक समीक्षा अधिकारी (ARO) के पेपर लीक मामले में STF ने 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। STF ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि परीक्षा का पेपर भोपाल के एक प्रिंटिंग प्रेस में छपा था और यहीं से पेपर लीक की वारदात को अंजाम दिया गया। प्रिंटिंग प्रेस के एक कर्मचारी सुनील रघुवंशी ने ही पेपर लीक किया था और राजीव नयन मिश्रा को दिया था। STF ने इस मामले में 16 लोगों को अबतक गिरफ्तार कर लिया है।
कब हुई थी परीक्षा
UPPSC ने 11 फरवरी 2024 को RO-ARO की प्रारंभिक परीक्षा कराई थी। लेकिन परीक्षा होने से पहले ही पेपर वायरल हो गया। जिसके बाद यूपी सरकार ने परीक्षा को निरस्त करके मामले की जांच STF को सौंप दिया। पेपर भोपाल में छपा था। जिसके बाद जांच करते हुए एसटीएफ भोपाल पहुंची क्योंकि पेपर भोपाल में ही छपा था। जिसके बाद प्रिंटिंग प्रेस में कार्य करने वाले सभी कर्मचारियों की कॉल डिटेल निकाली। जिसके बाद STF को सुनील रघुवंशी पर शक हो गया। जिसके बाद सुनील रघुवंशी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। कुछ आनाकानी के बाद सुनील ने पेपर राजीव नयन मिश्रा को देने की बात कबूल कर ली। जिसके बाद एसटीएफ ने दबिश देकर 5 अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया।
कैसे किया पेपर लीक?
प्रिंटिंग के दौरान किसी प्रश्नपत्र में स्याही लगने पर उसे छांटकर अलग रख दिया जाता है और बाद में इसे नष्ट कर दिया जाता है। इस दौरान काफी सावधानी बरती जाती है कि प्रश्नपत्र पूरी तरह से नष्ट हो जाना चाहिये। इसी दौरान सुनील ने पानी की बोतल के साथ एक स्याही लगा प्रश्नपत्र बाहर लेकर चला गया और फिर विशाल दुबे को फोन किया। जिसके बाद अन्य आरोपियों ने एक होटल में अभ्यर्थियों को बुलाकर 12-12 लाख रुपये में पेपर रटवाया।
एसटीएफ के अनुसार इस मामले का मास्टरमाइंड राजीव नयन मिश्रा है। जो पहले भी NHM और UP TET के पेपर लीक में शामिल रहा है। इस दौरान इसने खूब पैसा बनाया । पुलिस ने राजीव नयन मिश्रा को एक महीने पहले ही मेरठ से गिरफ्तार कर लिया था। अभी वो जेल में बंद है।
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