नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के एक बयान ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। शहरी विकास और नगर प्रशासन विभाग की एक क्षेत्रीय समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने कहा कि पहले कई योजनाओं की घोषणाएं राजनीतिक मजबूरियों के चलते की गई थीं, लेकिन अब उन योजनाओं को जमीन पर उतारना आसान नहीं है। भोपाल में आयोजित इस बैठक में कैलाश विजयवर्गीय ने साफ तौर पर कहा कि प्रदेश में तेजी से शहरीकरण बढ़ रहा है। इसके साथ ही लोगों की जरूरतें भी बढ़ी हैं। सड़कों, पानी, सीवरेज, आवास और ट्रैफिक जैसी बुनियादी सुविधाओं पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। सरकार इन सभी जरूरतों को पूरा करने की कोशिश कर रही है, लेकिन संसाधनों की कमी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
कांग्रेस का हमला – जनता से किए वादे अधूरे
मंत्री ने यह भी माना कि शहरी विकास से जुड़ी कई योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार से पर्याप्त बजट की जरूरत है। केवल राज्य के संसाधनों के सहारे सभी योजनाओं को समय पर पूरा कर पाना मुश्किल हो रहा है। उनके इस बयान को राजनीतिक विश्लेषक आने वाले समय में योजनाओं की रफ्तार और बजट प्रबंधन से जोड़कर देख रहे हैं। मंत्री के बयान के बाद कांग्रेस ने सरकार पर जोरदार हमला बोला है। कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव बारोलिया ने कहा कि बीजेपी सरकार बड़े-बड़े वादे और घोषणाएं करके सत्ता में आई थी, लेकिन अब खुद मंत्री मान रहे हैं कि उन वादों को पूरा करना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि यह बयान “मोदी की गारंटी” पर भी सवाल खड़ा करता है और इससे साफ होता है कि सरकार जनता को बुनियादी सुविधाएं देने में असफल हो रही है।
बीजेपी का पलटवार – राजनीति कर रही कांग्रेस
वहीं बीजेपी ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया है। बीजेपी प्रवक्ता अजय यादव ने कहा कि कांग्रेस बेवजह राजनीति कर रही है। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी सरकार में कोई भी जनकल्याणकारी योजना बंद नहीं हुई है। राज्य और केंद्र सरकार मिलकर लगातार विकास कार्य कर रही हैं। अजय यादव ने कांग्रेस को अपने कार्यकाल की नाकामियों को याद करने की सलाह भी दी। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बयान ने मध्य प्रदेश में शहरी विकास, बजट की चुनौतियों और सरकार की योजनाओं को लेकर नई बहस छेड़ दी है।




