नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। धार्मिक भावनाएं आहत करनेवाली सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और और लॉ स्टूडेंट शर्मिष्ठा पनोली को आज कलकत्ता हाई कोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई है, जिसमें 30 मई को एक इंस्टाग्राम वीडियो के जरिए धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में पुलिस ने अरेस्ट किया था। हाईकोर्ट ने उन्हें दस हजार के मुचलके पर कुछ शर्तो के साथ रिहा करने का आदेश दिया। आइए जानते है पूरी खबर के बारे में ।
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और लॉ स्टूडेंट शर्मिष्ठा पनोली को आज कलकत्ता हाई कोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई है, इससे पहले 3 जून को ट्रायल कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका यह कहते हुए खारिज करते हुए कहा था कि,अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का दुरुपयोग करने नहीं दिया जा सकता।पनोली ने वीडियो डिलीट कर माफी मांगी थी, लेकिन गिरफ्तारी से पहले ही एफआईआर दर्ज हो चुकी थी। 22 वर्षीय लॉ स्टूडेंट को हरियाणा के गुरुग्राम से गिरफ्तार किया था। फिर ट्रांजिट रिमांड पर कोलकाता ले गई थी। इस मामले में लॉ स्टूडेंट शर्मिष्ठा पनोली को एक वीडियो पोस्ट करने के लिए 15 मई को कोलकाता के गार्डन रीच पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई थी।
जिसमें शर्मिष्ठा पनोली पर ये आरोप लगाया गया कि, उन्होनें कथित तौर पर एक विशेष समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाया है। जिसपर कड़ी आलोचनाओं के बाद शर्मिष्ठा पनोली ने वीडियो हटा दिया था। और उसके बाद ही उनके खिलाफ गुरुग्राम से गिरफ्तारी वारंट जारी कर गिरफ्तार कर लिया गया था। पुणे में कानून की पढ़ाई कर रही शर्मिष्ठा को जब सिटी कोर्ट में पेश किया गया तो सरकारी वकील ने उसकी पुलिस हिरासत की मांग की थी। जिसमें दलील दी गई थी कि, उसने किस इरादे से सोशल मीडिया पर ऐसा पोस्ट किया।
शर्मिष्ठा पहले ही मांग चुकी हैं माफी
गौरतलब है कि, इससे पहले ही शर्मिष्ठा पनोली के वकील ने जमानत देने गुहार लगाई थी, वकील ने दलील दी थी कि, वह कानून छात्रा है। और अपनी टिप्पणियों के लिए पहले ही माफी मांग ली है। उसके बाद भी उसे धमकी भरे फोन आ रहे हैं। पुलिस ने उसका लैपटॉप और मोबाइल फोन पहले ही जब्त कर लिया है। उसके बयान दर्ज किए जा चुके है। इसलिए उसे जमानत मिलनी चाहिए।




