नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । तेलंगाना के संगारेड्डी जिले के पशम्यलारम औद्योगिक क्षेत्र में स्थित ‘सिगाची इंडस्ट्रीज’ की एक दवा निर्माण इकाई में हुए भीषण विस्फोट ने अब तक 34 लोगों की जान ले ली है। अधिकारियों के मुताबिक, राहत और बचाव कार्य अभी भी अंतिम चरण में जारी है। जिला पुलिस अधीक्षक परितोष पंकज ने जानकारी दी कि “राहतकर्मियों को मलबा हटाने के दौरान कई शव मिले हैं। अब तक कुल 31 शव मलबे से निकाले जा चुके हैं, जबकि तीन घायल मजदूरों की मौत अस्पताल में इलाज के दौरान हुई ।”
मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने आज मंगलवार को खुद मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। इससे पहले जारी एक आधिकारिक बयान में मुख्यमंत्री ने घटना पर गहरा दुख जताया है और प्रशासन को निर्देश दिया है कि मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित निकाला जाए और घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाए।
विस्फोट के समय संयंत्र में मौजूद थे करीब 90 कर्मचारी
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री दामोदर राजा नरसिम्हा ने पत्रकारों को बताया कि जब यह भयावह विस्फोट हुआ, तब संयंत्र में करीब 90 कर्मचारी कार्यरत थे। संदेह जताया जा रहा है कि सोमवार को हुई यह दुर्घटना संभवतः किसी रासायनिक प्रतिक्रिया के कारण हुई, जिसके चलते संयंत्र में आग भी लग गई। कंपनी की वेबसाइट के अनुसार, सिगाची इंडस्ट्रीज लिमिटेड एक फार्मास्युटिकल निर्माण कंपनी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर शोक व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2 लाख रुपये तथा घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है।
कंपनी ने प्रभावितों की हर संभव मदद का दिया आश्वासन
कंपनी ने कहा कि वह इस त्रासदी में जानमाल के नुकसान पर गहरी संवेदना व्यक्त करती है और मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी पूरी सहानुभूति प्रकट करती है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि संयंत्र इनश्योर्ड था और उसने प्रभावितों को हरसंभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है। तेलंगाना राज्य आपदा मोचन एवं अग्निशमन सेवा के महानिदेशक वाई. नागी रेड्डी ने बताया कि प्रारंभिक संदेह है कि विस्फोट संयंत्र की ड्राइंग (सुखाने वाली) यूनिट में हुआ। हालांकि, पुलिस महानिरीक्षक (मल्टीजोन) वी. सत्यनारायण ने संवाददाताओं से कहा कि यह घटना रिएक्टर में हुए विस्फोट की वजह से हुई लगती है।





