back to top
24.1 C
New Delhi
Saturday, March 21, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

सुप्रीम कोर्ट में बहस के लिए स्लॉट मूल्यवान, प्रयास करें कि सुनवाई ना रुके : न्यायमूर्ति चंद्रचूड़

नई दिल्ली, 6 जुलाई (आईएएनएस)। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूड़ ने मंगलवार को वकीलों से कहा कि वे स्थगन की मांग न करें और इसके बजाय हर संभव प्रयास करें कि उनके संबंधित मामले में बहस ठप न हो, क्योंकि शीर्ष अदालत में बहस करने के लिए एक स्लॉट (समय मिलना) प्राप्त करना मूल्यवान है। मोहाली के बाहरी इलाके में पंजाब के जीरकपुर में एक फ्लैट की खरीद के संबंध में एक विवाद की सुनवाई के दौरान, न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ और एम. आर. शाह की पीठ को एक वकील द्वारा सूचित किया गया कि प्रतिवादी के लिए एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड की मां का निधन हो गया है और उन्होंने पीठ से मामले को चार सप्ताह के लिए स्थगित करने का आग्रह किया है। यह सुनने के बाद न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने बहुत ही विनम्रता से अधिवक्ता से कहा कि वह उस वकील की स्थिति और व्यक्तिगत मुश्किलों को भी समझते हैं, जिनकी मां का निधन हो गया है, लेकिन मामले में शामिल किसी अन्य अधिवक्ता को दलील देनी चाहिए। जस्टिस शाह ने यह भी कहा कि मामला 2019 से लंबित है और कुछ वकीलों को इस पर बहस करनी चाहिए। जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा, हमारे पास जजों की कमी है, सुप्रीम कोर्ट में बहस करने के लिए एक स्लॉट मिलना मूल्यवान है। उन्होंने कहा, हम मामले पढ़ते हैं और फिर अदालत आते हैं। हम कल शाम 5 बजे तक अदालत में थे और फिर आज बेंच के सामने सूचीबद्ध सभी मामलों को देखा गया। न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने जोर देकर कहा कि किसी को इस मामले में बहस करनी चाहिए। उन्होंने दोहराया कि अदालत वकील की व्यक्तिगत कठिनाई को पूरी तरह से समझती है। शीर्ष अदालत की इस टिप्पणी के बाद मामले में शामिल अधिवक्ताओं ने अपनी दलीलें जारी रखीं। दूसरे उदाहरण में, जब तत्कालीन पीठ शाम 4 बजे के बाद उठने वाली थी, एक मामले की आंशिक सुनवाई के बाद, एक पक्ष का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने कहा, कृपया एक अंतरिम आदेश पारित करें। इस पर जस्टिस शाह ने जवाब दिया, कृपया समझिए। हमारे पास कुछ समय की कमी है। हम सुबह 10.30 बजे से बैठे हैं। कल भी हम शाम 5 बजे तक बैठे थे। ऐसा नहीं है कि हम कुछ नहीं कर रहे हैं। शीर्ष अदालत के छठे सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति अशोक भूषण के 4 जुलाई को सेवानिवृत्त होने के साथ, शीर्ष अदालत के न्यायाधीशों की संख्या प्रधान न्यायाधीश सहित 34 की स्वीकृत शक्ति के मुकाबले घटकर 26 रह गई है। –आईएएनएस एकेके/एएनएम

Advertisementspot_img

Also Read:

सियासी हलचल तेज: MP-MLA कोर्ट से इजाजत मिलने के बाद अनंत सिंह कल बनेंगे विधायक

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। 2025 के विधानसभा चुनाव में मोकामा सीट से जीत दर्ज करने वाले विधायक अनंत सिंह मंगलवार, 03 फरवरी 2026 को सुबह...
spot_img

Latest Stories

Salman khan की फिल्म मातृभूमि कब होगी रिलीज? सामने आया बड़ा अपडेट

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। सलमान खान (Salman khan) की...

मार्च के बदलते मौसम में बढ़ सकता है फ्लू का खतरा, बचाव के लिए करें ये काम

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। मार्च और अप्रैल के महीने...

Tata Punch को टक्कर देने आई नई Hyundai Exter Facelift, जानिए कीमत और फीचर्स

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। भारतीय कार बाजार में माइक्रो SUV...
⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵