नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। दिल्ली की वायु गुणवत्ता में थोड़ा सुधार दर्ज किया है। AQI में 58 अंक की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि अभी भी अगले दो दिनों तक वायु गुणवत्ता खराब रहने के आसार हैं। अगर हम पिछले 24 घंटों की बात करें तो कल 364 था लेकिन इसमें गिरावट होने पर यह 304 पर पहुंच गया है।
241 शहरों में से दिल्ली को सबसे खराब श्रेणी में रखा गया है
सेंट्रल पल्यूशन कंट्रोल बोर्ड हल्के सुधार के बाद भी दिल्ली का प्रदूषण स्तर उच्च लेवल पर है। 241 शहरों में से दिल्ली को सबसे खराब श्रेणी में रखा गया है। दिल्ली के कई इलाकों जैसे द्वारका, रोहिणी, आनंद विहार की वायु गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में है। वहीं फरीदाबाद, गुरुग्राम, नोएडा, ग्रेटर नोएडा की स्तर खराब श्रेणी में है।
सर्दियों में ज्यादा खराब हो जाती है स्थिति
सर्दियों में दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति और खराब हो जाती है। यह कई कारणों से होता है जैसे हवा की धीमी गति, तापमान में गिरावट, नमी का उच्च स्तर और हवा में प्रदूषण फैलाने वाले कणों की उपस्थिति। दिल्ली में वायु गुणवत्ता खराब होने से सास लेने संबंधी समस्याओं में 30-40 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इन लोगो में बड़ी संख्या में बच्चे और बुजुर्ग लोग शामिल हैं।
दिल्ली सरकार ने पटाखों पर लगाया प्रतिबंध
आने वाले दिनों में पराली जलाने के कारण स्थिति और खराब हो सकती है। खराब एयर क्वालिटी के मद्देनजर दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति ने 1 जनवरी, 2025 तक राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में सभी प्रकार के पटाखों के बनाने, स्टोर करने, बेचने, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से डिलीवरी सहित और फोड़ने पर रोक लगा दी है। यह दिल्ली सरकार के 21 पॉइंट विंटर एक्शन प्लान का भाग है। इतना ही नहीं यमुना के पानी में भी सफेद झाग आने लगे है। दिल्ली की हवा के साथ पानी भी प्रदूषित हो गया है।
उल्लेखनीय है कि दिल्ली में प्रदूषण दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है जिस कारण एयर की गुणवत्ता खराब हो रही है। इसके मद्देनजर GRAP स्टेज 2 को लागू कर दिया गया है। यह चार चरणों में वर्गीकृत किया जाता है- स्टेज I – ‘खराब’ (AQI 201-300), स्टेज II – ‘बहुत खराब’ (AQI 301-400), स्टेज III – ‘गंभीर’ (AQI 401-450), स्टेज IV – ‘गंभीर प्लस’ (AQI >450)।





