नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। विपक्षी ‘INDIA’ गठबंधन के बीच एकजुटता की कमी एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची को अपग्रेड करने के लिए चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR- Special Intensive Revision) अभियान और EVM (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अपनी बेबाक राय रखी है, जिसने गठबंधन के भीतर की दरारों को बढ़ा दिया है।गौरतलब है कि जहाँ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी SIR का खुलकर विरोध कर रही हैं, वहीं उमर अब्दुल्ला ने इसके समर्थन में बयान दिया है।
SIR और EVM पर उमर अब्दुल्ला की स्पष्ट राय
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को कहा कि वोटर लिस्ट को दुरुस्त करने के लिए चलाया जा रहा SIR कोई खतरनाक चीज नहीं है। उन्होंने EVM से वोट चोरी की आशंका को भी खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, चुनाव साफ-सुथरे हों और किसी को शिकायत न हो। चुनाव आयोग को देखना चाहिए कि अगर कुछ पार्टी सवाल उठा रहे हैं तो उन्हें समझाए कि SIR खतरनाक चीज नहीं है।उन्होंने कहा, “मैं आज भी नहीं मानता कि मशीन के ज़रिए चोरी की जा सकती है। मतलब यह कि EVM से वोट चोरी नहीं हो सकती है।” हालांकि, उन्होंने जोड़ा कि चुनाव को ‘मैनीपुलेट’ (Manipulate) जरूर किया जा सकता है।उल्लेखनीय है कि कांग्रेस पार्टी, जो जम्मू-कश्मीर में उमर अब्दुल्ला सरकार का समर्थन करती है, EVM से वोट चोरी के खिलाफ लगातार आक्रामक रही है, जिससे गठबंधन के भीतर विरोधाभास पैदा हुआ है।
मेडिकल कॉलेज में दाखिले पर ‘मेरिट’ की बात’
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने श्री माता वैष्णोदेवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस (SMVDIME) में दाखिले को लेकर भी सख्त रुख अपनाया।उन्होंने साफ कहा कि दाखिले केवल मेरिट के आधार पर होंगे, जो नीट (NEET) परीक्षा पर आधारित है।उन्होंने कहा कि संविधान के तहत सीटों को धर्म के आधार पर बांटना संभव नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ छात्र धर्म के आधार पर अलग व्यवस्था की मांग कर रहे हैं, जो नियमों के खिलाफ है।सीएम अब्दुल्ला ने स्पष्ट किया कि अगर सीटों का बंटवारा धर्म के आधार पर करना है, तो पहले विश्वविद्यालय को दी गई जमीन और मिलने वाली सरकारी सहायता छोड़नी होगी।
अन्य मुद्दों पर CM की टिप्पणी
उन्होंने कहा कि, यह मामला उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है, और इस कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों से ही पूछा जाना चाहिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि पीर पंजाल क्षेत्र में सड़कों की खराब स्थिति काम तेज़ी से चलने की वजह से दिख रही है, क्योंकि वहां चौड़ीकरण, फोर-लेन और टनल परियोजनाओं का काम चल रहा है, जिसकी वजह से मौजूदा सड़कों की मेंटेनेंस भी होनी चाहिए।
पत्रकार का घर तोड़े जाने पर दी प्रतिक्रिया ‘मेरा अधिकार क्षेत्र नहीं’
जम्मू में एक पत्रकार का घर गिराए जाने की कार्रवाई पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मामला उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता।उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों ने यह कदम उठाया है, सवाल भी उन्हीं से किया जाना चाहिए। सीएम का कहना था कि इस मुद्दे पर वे पहले भी स्पष्ट कर चुके हैं कि यह कार्रवाई उनके दायरे से बाहर है।पीर पंजाल क्षेत्र की सड़कों पर बोले– काम की गति तेज, इसलिए खराबी दिख रही। पीर पंजाल क्षेत्र में सड़कों की खराब स्थिति पर सवाल पूछे जाने पर उमर अब्दुल्ला ने कहा कि, चौड़ीकरण, फोर-लेन, टनल निर्माण और अन्य परियोजनाओं के चलते सड़कें अस्थायी रूप से प्रभावित हैं।
उन्होंने कहा कि जहां-जहां टनल बन रही है, वहां मौजूदा सड़कों की मेंटेनेंस भी समान रूप से तेज होनी चाहिए, ताकि लोगों को असुविधा का सामना न करना पड़े।उमर अब्दुल्ला के बयान से स्पष्ट है कि वे SIR को लेकर उठ रही शंकाओं को बेबुनियाद मानते हैं, EVM की विश्वसनीयता पर भरोसा जताते हैं, और शैक्षणिक संस्थानों में धर्म आधारित प्रवेश को पूरी तरह अवैध बताते हैं। उनका यह रुख INDIA गठबंधन की एकजुटता पर नए सियासी सवाल खड़े करता है।





