नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। महायुति सरकार का 15 दिसंबर 2024 को कैबिनेट विस्तार हो गया जिसमे 39 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। महाराष्ट्र सरकार का कैबिनेट विस्तार होते ही शिवसेना और NCP के कई विधायकों में मंत्री पद न मिलने को लेकर नाराजगी भी रही। इनमें कई ऐसे भी नेता हैं जो लगातार जीत दर्ज करते आ रहे हैं। इसके बावजूद भी उन्हें महायुति सरकार में मंत्री नहीं बनाया गया है। लेकिन नेताओं की नाराजगी का सबसे बड़ा मामला एकनाथ शिंदे की शिवसेना से सामने आया है।
“ऐसा लगता है कि हमने आपका साथ देकर बड़ी गलती कर दी है”
मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, शिवसेना के विधायक नरेंद्र भोंडेकर ने महाराष्ट्र के विदर्भ से संयोजक और उपनेता के पद से इस्तीफा दे दिया है। खबरों के अनुसार शिवसेना विधायक नरेंद्र भोंडेकर ने महाराष्ट्र सरकार में मंत्री पद न मिलने को लेकर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने एकनाथ शिंदे से सीधे-सीधे कहा कि ऐसा लगता है कि हमने आपका साथ देकर बहुत बड़ी गलती कर दी है।
“वादे के बावजूद इस बार भी मुझे मंत्री पद नहीं दिया गया”
शिवसेना विधायक नरेंद्र भोंडेकर ने अपनी बात जारी रखते हुए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से कहा कि जब आपने ढाई साल पहले शिवसेना से बगावत करके अलग रास्ता चुना था तो उन 10 निर्दलीय विधायकों में मैं पहला विधायक था, जिसने डंके की चोट पर आपका साथ दिया था। शिवसेना विधायक नरेंद्र भोंडेकर ने एकनाथ शिंदे से आगे कहा कि “वह बिना किसी स्वार्थ के साथ एकनाथ शिंदे के पास आए थे और ढाई साल की सरकार में बिना कुछ मांग किए अपना काम ईमानदारी से करते रहे।”
इसके बाद शिवसेना विधायक नरेंद्र भोंडेकर ने एकनाथ शिंदे से कहा कि “आपने कहा था कि जब हमारी सरकार आएगी तो मैं आपको मंत्री पद दूंगा। लेकिन ढाई साल में ऐसा कुछ भी नहीं हुआ और फिर से इस विधानसभा चुनाव 2024 में भरोसा दिलाया गया था कि आपको इस बार मंत्री पद दिया जाएगा। लेकिन इस बार भी मुझे मंत्री पद नहीं दिया गया।”
“मै BJP में शामिल नहीं हुआ, क्या यही मेरी बड़ी गलती थी”
शिवसेना विधायक नरेंद्र भोंडेकर ने एकनाथ शिंदे से कहा कि “मैं भंडारा जिले की जनता को क्या जवाब दूंगा कि मैं इस बार भी मंत्री के रूप में इस जिले का प्रतिनिधित्व नही कर पाऊंगा।” इसके साथ ही विधायक नरेंद्र भोंडेकर ने देवेंद्र फडणवीस की भी तारीफ करते हुए एकनाथ शिंदे से कहा कि “देवेंद्र फडणवीस की तरफ से मुझे बीजेपी में शामिल करने का ऑफर मिला था। मैं देवेंद्र फडणवीस को भी अपना नेता मनाता हूं, लेकिन मै बीजेपी में शामिल नहीं हुआ। क्या यही मेरी बड़ी गलती थी।”





