नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। देश में महिलाओं और बच्चियों के साथ रेप और हत्या के मामले रूकने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। व्यक्ति परिचित हो या अनजान उसके चरित्र का पता चलना आसान नहीं होता है। गुजरात के दाहोद में एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय के प्रिंसिपल ने ऐसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया है, जिसके बारे में सुनकर आपका खून खौल जाएगा। इस आरोपी प्रिंसिपल का नाम गोविंद है, इसने 19 सितंबर 2024 को एक 6 साल की स्कूल की बच्ची के साथ रेप करने की कोशिश की और असफल रहने पर उसकी नाक और गला दबाकर हत्या कर दी। आरोपी पिछले 18 सालों से इस स्कूल से जुड़ा हुआ था और स्कूल का प्रिंसिपल था।
प्रिंसिपल ने बच्ची की नाक और गला दबाकर कर दी हत्या
19 सितंबर 2024 को इसी के स्कूल की एक 6 साल की बच्ची अपने माता- पिता के साथ स्कूल जाने की तैयारी कर रही थी, लेकिन जब उन्होंने प्रिंसिपल को वहां से गुजरते देखा, तो उन्होंने प्रिंसिपल से अनुरोध किया कि वह उनकी बेटी को स्कूल में छोड़ दें। बच्ची के माता-पिता प्रिंसिपल को अच्छी तरह से जानते थे, इसलिए उन्होंने विश्वास करके अपनी बेटी को उसके साथ स्कूल के लिए भेज दिया। लेकिन प्रिंसिपल के मन में कुछ और ही चल रहा था। उसने बच्ची को कार में बैठाया और बच्ची के माता-पिता को कहा कि वह बच्ची को स्कूल छोड़ देगा, लेकिन उसने रास्ते में बच्ची के साथ रेप करने की कोशिश की, जब बच्ची ने इसका विरोध किया और जोर जोर से चिल्लाने लगी तो आरोपी प्रिंसिपल ने बच्ची की नाक और गला दबाकर हत्या कर दी।
प्रिंसिपल इस मामले में बिल्कुल अनजान बनने का नाटक कर रहा था
उसने बच्ची का शव कार में ही रहने दिया। जब स्कूल के सारे बच्चे घर चले गए, तो उसने बच्ची का शव स्कूल की बिल्डिंग के पीछे फेंक दिया और बच्ची का बैग और जूते को उसकी क्लासरूम के बाहर रख दिया। जब बच्ची स्कूल से घर वापस नहीं लौटी तो बच्ची के माता-पिता और रिश्तेदारों ने उसकी तलाशी शुरू कर दी थी। जब बच्ची के माता-पिता ने प्रिंसिपल से बच्ची के बारे में पूछा तो उसने कहा की वह तो कार से उतर कर स्कूल में चली गयी थी। प्रिंसिपल इस मामले में बिल्कुल अनजान बनने का नाटक कर रहा था। यही नहीं वह बच्ची के माता-पिता के साथ बच्ची को खोजने का नाटक भी करने लगा। जब माता-पिता को उनकी बच्ची बेहोशी की हालात में स्कूल की बिल्डिंग के पीछे मिली तो वे सब उसे तुरंत इलाज के लिए लिमखेड़ा सिविल अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है
गुजरात पुलिस को तुरंत इसकी सूचना दी गई और उन्होंने अपनी जांच शुरू की, पुलिस का पूरा शक 50 वर्षीय प्रिंसिपल गोविंद पर ही था, लेकिन गोविंद पुलिस को गुमराह करने की कोशिश कर रहा था। लेकिन पुलिस ने गोविंद के फोन लोकेशन का पता लगाया और उसकी लोकेशन जहां बच्ची का शव मिला उससे मिल गया था। उसने पुलिस को जानकारी दी थी कि वह शाम 5 बजे स्कूल से निकल गया था, लेकिन पुलिस की जांच में वह शाम 6 बजकर 10 मिनट तक स्कूल में ही था। जब पुलिस ने उससे सख्ती से पूछताछ की तो उसने सारी घटना बता डाली। वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी बच्ची की नाक और गला दबाकर मौत की पुष्टि हुई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। लेकिन इस घटना ने सबको हिला कर रख दिया है। हम सबको अपनी बहन बेटियों की रक्षा के लिए बहुत ही सर्तक होने की जरूरत है।





