नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । इस समय देश में वोटर लिस्ट में गड़बड़ी और चुनावों में धांधली के मुद्दें पर घमासान मचा हुआ है। देश की सड़क से लेकर संसद तक वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए विपक्ष पार्टी ने चुनाव आयोग की घेराबंदी कर रखी है। विपक्ष इंडिया गठबंधन लगातार इस मुद्दे पर लामबंद है। इस समस सभी जगहों पर इसी मुद्दें की चर्चा हो रही है।
8 बार वोटर लिस्ट में जोड़ा गया नाम
वही, यह वेाटर लिस्ट में गड़बड़ी का मामला मध्यप्रदेश में भी गरमाने लगा है। राज्य के इंदौर जिले के राउ विधानसभा क्षेत्र में वोटर लिस्ट में गंभीर गड़बड़ी होने का खुलासा हुआ है। यहाँ एक ही व्यक्ति के नाम- ‘अंकित, पिता का नाम राजेंद्र’ को अलग-अलग उम्र और पते के साथ आठ बार वोटर लिस्ट में जोड़ा गया है, यह मामला संज्ञान में आने के बाद सूबे की सियासी पारा हाई हो गया है। सरकार और विपक्षी नेताओं में बयानबाजी शुरु हो गई है।
जीतू पटवारी के क्षेत्र गड़बड़ी का मामला
राउ विधानसभा, इंदौर संसदीय क्षेत्र के अंर्तगत आता है। जहाँ से मध्यप्रदेश के दिग्गज नेता ओर प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पिछला विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। ऐसे में यह गड़बड़ी सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। एक ही नाम और पिता के नाम के साथ 8 अलग-अलग जगहों नाम दर्ज है। हर रिकॉर्ड में मतदाता की अलग उम्र, पोलिंग बूथ, और पता दर्ज है, जो दर्शाता है कि यह महज एक तकनीकी गलती ही नहीं, बल्कि इसके पीछे कोई जानबूझकर की गई साजिश का एंगल नजर आता है?
देश में इस वक्त वोटर लिस्ट में धांधली का मामला गरमाया हुआ है। विपक्ष इसको राष्ट्रीय मुद्दा बना सियासी बवाल खड़ा करने में लगा है। जिसका असर बिहार विधानसभा चुनाव में भी पड़ सकता है। और देश के कई जगहों पर वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का मामला हर रोज सामने आ रहा है।
मामला सामने आने के बाद प्रशासन में मची खलबली
ऐसे में ये इस तरह के मसलों का असर न सिर्फ लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर पड़ता है, बल्कि मतदाता का भरोसा भी टूटता है। यदि एक ही व्यक्ति के नाम पर कई बार मतदान संभव हो, तो निष्पक्ष चुनाव कराने के दावे खोखले नजर आते है। लेकिन, फिलहाल यह मामला सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन में खलबली मच गई है। प्रशासन के सभी अधिकारी इस समय सवालों के घेरे में हैं।
लगातार चुनाव आयोग से सवाल पूछ रहे हैं राहुल गांधी
बता दें कि, हाल ही में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी देश में वोटर लिस्ट से जुड़ी गड़बड़ियों और चुनाव आयोग की निष्पक्ष भूमिका पर शंका जताई है। जिसके बाद इंदौर की यह घटना और भी अधिक सवाल छोड़ती है। राहुल गांधी ने चुनावी संस्थाओं की पारदर्शिता पर सवाल उठाया था। इसके साथ ही, वोटर लिस्ट में गडबड़ी का आरोप लगाया था।




