नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चर्चित संवाद कार्यक्रम परीक्षा पे चर्चा 2026 का दूसरा एपिसोड आज रिलीज हो गया। बोर्ड परीक्षाओं के बीच छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के लिए यह एपिसोड एक मोटिवेशनल सेशन की तरह रहा। इस बार पीएम मोदी ने तमिलनाडु के छात्रों से बातचीत की शुरुआत की और उन्हें तमिल भाषा में अभिवादन भी किया। इस एपिसोड में पीएम मोदी ने पढ़ाई के तनाव, सोशल मीडिया के इस्तेमाल, एआई के बढ़ते प्रभाव और करियर से जुड़े सवालों पर विस्तार से बात की। उन्होंने छात्रों को डिजिटल डिस्ट्रैक्शन से बचते हुए पढ़ाई पर फोकस करने की सलाह दी।
देश में घूमने की सलाह
छत्तीसगढ़ के एक छात्र ने भारत में घूमने की जगहों के बारे में पूछा, जिस पर पीएम मोदी ने कहा कि सबसे पहले अपने जिले और आसपास की जगहों को एक्सप्लोर करें। उन्होंने कहा कि भारत इतनी विविधता वाला देश है कि पूरी जिंदगी भी कम पड़ सकती है। एक छात्रा ने पूछा कि वह स्टार्टअप करना चाहती हैं तो क्या करें। इस पर पीएम मोदी ने कहा कि आज का युवा स्टार्टअप की तरफ तेजी से बढ़ रहा है और छोटे स्तर से शुरुआत करना सबसे अच्छा तरीका है। उन्होंने ड्रोन, फाइनेंस और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में नए अवसरों का जिक्र करते हुए कहा कि कोई भी कभी भी शुरुआत कर सकता है। एआई के बढ़ते इस्तेमाल पर पूछे गए सवाल के जवाब में पीएम मोदी ने कहा कि तकनीक से डरना नहीं चाहिए, बल्कि उसका सही उपयोग करना सीखना चाहिए। उन्होंने कहा कि मोबाइल और तकनीक हमारे काम को आसान बनाए, हमें उसका गुलाम नहीं बनना चाहिए।
अनुशासन और मोटिवेशन दोनों जरूरी
मोटिवेशन और अनुशासन पर पीएम मोदी ने कहा कि दोनों का संतुलन जरूरी है। अगर अनुशासन नहीं होगा तो केवल प्रेरणा से सफलता नहीं मिलेगी। उन्होंने उदाहरण देकर समझाया कि मेहनत के साथ अनुशासन सफलता की कुंजी है। एक छात्र ने पढ़ाई और हॉबी के बीच बैलेंस बनाने का सवाल किया। पीएम मोदी ने कहा कि अगर किसी को आर्ट पसंद है और साइंस पढ़ता है तो दोनों को जोड़कर सीख सकता है। इससे पढ़ाई भी आसान होगी और रुचि भी बनी रहेगी। पीएम मोदी ने कहा कि विकसित भारत बनाने के लिए हर नागरिक को अपनी आदतों में बदलाव लाना होगा। उन्होंने लोगों से देश में बनी चीजों को बढ़ावा देने और छोटे-छोटे योगदान करने की अपील की।





