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कांग्रेस चिंतन शिविर में कई रिफॉर्म पर लगी मुहर, पदयात्रा का होगा आयोजन

उदयपुर, 15 मई (आईएएनएस)। कांग्रेस के उदयपुर में तीन दिन तक चले चिंतन शिविर में संगठनात्मक स्तर पर कांग्रेस की निर्णायक भूमिका निभाने के लिए व्यापक विचार मंथन किया गया। आजादी के 75 वर्ष पूरे होने पर हर जिला स्तर पर 9 अगस्त से 75 किलोमीटर लंबी पदयात्रा का आयोजन भी किया जाएगा। कांग्रेस का मानना है कि इस यात्रा से स्वतंत्रता संग्राम के लक्ष्यों व त्याग तथा बलिदान की भावना प्रदर्शित होगी, वहीं इस यात्रा में पार्टी के सभी नेता हिस्सा होंगे। इसके अलावा सोनिया गांधी ने चिंतन शिविर में कांग्रेस यात्रा के साथ हर जिले में जगजागरण अभियान का भी ऐलान किया। उन्होंने कहा कि, यह जनजागरण अभियान 15 जून से शुरू होगा और इसके जरिए हम महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे पर जनता को जागरूक करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि, नव संकल्प में लिए गए फैसलों को लागू किया जाएगा। 2024 के लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनावों में नव संकल्प के फैसले लागू होंगे। दरअसल तीन दिन तक चले शिविर में जिन मुद्दों पर मंथन किया गया और उनके जो परिणाम निकले हैं उनपर कांग्रेस अगले 90 से 180 दिनों में देशभर में ब्लॉक स्तर, जिला स्तर, प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर सभी रिक्त नियुक्तियां संपूर्ण कर जवाबदेही सुनिश्चित करेगी। संगठन को प्रभावी बनाने के लिए ब्लॉक कांग्रेस के साथ-साथ मंडल कांग्रेस कमिटियों का भी गठन किया जाएगा। कांग्रेस संगठन में राष्ट्रीय स्तर पर तीन नए विभागों का गठन होगा जिनमें पब्लिक इनसाईट डिपार्टमेंट होगा, ताकि भिन्न-भिन्न विषयों पर जनता के विचार जानने व नीति निर्धारण के लिए तर्कसंगत फीडबैक कांग्रेस नेतृत्व को मिल पाए। राष्ट्रीय ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट का भी गठन किया जाएगा ताकि पार्टी की नीतियों, विचारधारा, ²ष्टि, व मौजूदा ज्वलंत मुद्दों पर पार्टी के नेताओं व कार्यकर्ताओं का व्यापक प्रशिक्षण हो पाए। केरल स्थित राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ डेवलपमेंट स्टडीज से इस राष्ट्रीय ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की शुरूआत की जा सकती है। इसके अलावा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के स्तर पर इलेक्शन मैनेजमेंट डिपार्टमेंट का गठन करना शामिल होगा, ताकि हर चुनाव की तैयारी प्रभावशाली तरीके से हो व अपेक्षित परिणाम निकले। इन सबकी घोषणा करते हुए कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता अजय माकन ने बताया कि, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के महासचिव (संगठन) के तहत अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी प्रदेश कांग्रेस कमेटी, जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों के कार्य का मूल्यांकन भी हो, ताकि बेहतरीन काम करने वाले पदाधिकारियों को आगे बढ़ने का मौका मिले और निष्क्रिय पदाधिकारियों की छंटनी हो पाए। इसके अलावा पार्टी में लंबे समय तक एक ही व्यक्ति द्वारा पद पर बने रहने के बारे में कई विचार सामने आए। संगठन के हित में यह है कि पांच वर्षों से अधिक कोई भी व्यक्ति एक पद पर न रहे, ताकि नए लोगों को मौका मिल सके। कांग्रेस कार्यसमिति, राष्ट्रीय पदाधिकारियों, प्रदेश, जिला, ब्लॉक व मंडल पदाधिकारियों में 50 प्रतिशत पदाधिकारियों की आयु 50 वर्ष से कम हो। राष्ट्रीय, प्रदेश, जिला, ब्लॉक व मंडल संगठनों की इकाईयों में सामाजिक वास्तविकता का प्रतिबिंब भी हो, यानि दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों व महिलाओं को न्यायसंगत प्रतिनिधित्व मिले। संगठन में एक व्यक्ति, एक पद का सिद्धांत लागू हो। इसी प्रकार, एक परिवार, एक टिकट का नियम भी लागू हो। यदि किसी के परिवार में दूसरा सदस्य राजनीतिक तौर से सक्रिय है, तो पांच साल के संगठनात्मक अनुभव के बाद ही वह व्यक्ति कांग्रेस टिकट के लिए पात्र माना जाए। उत्तर-पूर्व के प्रांतों के लिए गठित की गई नॉर्थ ईस्ट को-ऑर्डिनेशन कमेटी के अध्यक्ष को कांग्रेस कार्य समिति का स्थायी आमंत्रित सदस्य बनाया जाए। राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्यों में से कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा एक समूह का गठन हो, जो समय-समय पर जरूरी व महत्वपूर्ण राजनैतिक विषयों पर निर्णय लेने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष को सुझाव दे व उपरोक्त निर्णयों के क्रियान्वयन में मदद करे। हर प्रांत के स्तर पर भिन्न-भिन्न विषयों पर चर्चा करने व निर्णय के लिए एक पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी का गठन किया जाए। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी व प्रदेश कांग्रेस कमिटियों का सत्र साल में एक बार अवश्य आयोजित हो। इसी प्रकार, जिला, ब्लॉक व मंडल कमिटियों की बैठक नियमित रूप से आयोजित की जाए। आजादी के 75 वर्ष पूरे होने पर हर जिला स्तर पर 9 अगस्त से 75 किलोमीटर लंबी पदयात्रा का आयोजन हो, जिसमें स्वतंत्रता संग्राम के लक्ष्यों व त्याग तथा बलिदान की भावना प्रदर्शित हो। बदलते परिवेश में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के मीडिया व संचार विभाग के अधिकारक्षेत्र, कार्यक्षेत्र व ढांचे में बदलाव कर व्यापक विस्तार होगा और मीडिया, सोशल मीडिया, डाटा, रिसर्च, विचार विभाग आदि को संचार विभाग से जोड़ विषय विशेषज्ञों की मदद से और प्रभावी बनाया जाएगा। प्रदेशों के सभी मीडिया, सोशल मीडिया, रिसर्च आदि विभागों का अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के संचार विभाग के अंतर्गत रख सीधा जुड़ाव बने, ताकि पार्टी का संदेश प्रतिदिन देश के हर कोने-कोने में फैल सके। --आईएएनएस एमएसके/एसकेपी

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