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Monday, March 2, 2026
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वक्फ कानून पर SC का आदेश -वक्फ बोर्ड में नई नियुक्ति न हो, केंद्र को जवाब दाखिल करने के लिए 7 दिन का समय दिया

वक्फ संशोधन अधिनियम, 2025 की संवैधानिक वैधता को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। इस अधिनियम को चुनौती देने वाली 73 से ज्यादा याचिकाएं दायर की गई हैं।

नई दिल्ली,रफतार डेस्क । वक्फ संशोधन अधिनियम, 2025 की संवैधानिक वैधता को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। इस अधिनियम को चुनौती देने वाली 73 से ज्यादा याचिकाएं दायर की गई हैं। गुरुवार को सुनवाई के दूसरे दिन भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) संजीव खन्ना ने सरकार से अहम सवाल पूछे और एक अहम निर्देश भी दिया।

CJI ने सरकार से पूछा अहम सवाल

सुनवाई के दौरान CJI ने सरकार से पूछा कि क्या वक्फ अधिनियम 1995 के तहत जो संपत्तियां वक्फ में पहले से रजिस्टर्ड हैं, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी? इस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि यह बात कानून में पहले से ही दर्ज है और ऐसे मामलों में कोई कार्रवाई नहीं होगी।

नई नियुक्तियों पर रोक का निर्देश

CJI ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जब तक यह मामला कोर्ट में लंबित है, तब तक वक्फ बोर्ड या वक्फ काउंसिल में कोई भी नई नियुक्ति नहीं की जाए। यह अंतरिम निर्देश तब तक लागू रहेगा जब तक कोर्ट इस मामले में कोई अंतिम फैसला नहीं सुनाता। केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट से कहा कि अभी इस अधिनियम पर स्टे लगाने की जरूरत नहीं है, क्योंकि ऐसा करना एक “अनावश्यक सख्त कदम” होगा। उन्होंने कहा कि सरकार जवाब दाखिल करने के लिए एक हफ्ते का समय चाहती है। सुप्रीम कोर्ट में 1995 के वक्फ अधिनियम और 2013 में किए गए उसके संशोधनों को चुनौती देने वाली कई रिट याचिकाएं दायर की गई हैं। इन याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि फिलहाल किसी भी प्रावधान पर रोक नहीं लगाई जा रही है, लेकिन सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए 7 दिन का समय दिया जा रहा है।

सुनवाई में क्या-क्या हुआ?

चीफ जस्टिस ने कहा कि हम फिलहाल कोई रोक नहीं लगा रहे हैं, लेकिन हम चाहते हैं कि दोनों पक्ष प्रभावित न हों। कोर्ट ने कहा कि एक साथ 100-120 याचिकाओं पर सुनवाई करना संभव नहीं है। इसलिए सिर्फ 5 रिट याचिकाकर्ता ही अगली सुनवाई में उपस्थित होंगे, बाकी याचिकाओं को या तो आवेदन माना जाएगा या निपटा दिया जाएगा।

सरकार ने क्या कहा ?

एसजी तुषार मेहता का पक्ष सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल SG तुषार मेहता ने कोर्ट से 7 दिन का समय मांगा और कहा कि इस दौरान सरकार कोई नई नियुक्ति नहीं करेगी। उन्होंने कहा, “यह कानून बहुत सोच-समझकर और लाखों सुझावों के बाद बनाया गया है। ऐसे में इसे सिर्फ कुछ प्रावधान पढ़कर रोक देना ठीक नहीं होगा।”

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