नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। शिवसेना उद्धव गुट के नेता संजय राउत ने डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि एकनाथ शिंदे एक समय कांग्रेस में शामिल होना चाहते थे। हालांकि, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
संजय राउत ने क्या कहा?
संजय राउत ने कहा, “मैं सब जानता हूं कि उस समय क्या चल रहा था। अहमद पटेल अब हमारे बीच नहीं हैं, इसलिए मैं ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहता। संजय राउत ने सटीक समय या साल नहीं बताया जब एकनाथ शिंदे कांग्रेस में शामिल होना चाहते थे। उन्होंने कांग्रेस के दिवंगत वरिष्ठ नेता अहमद पटेल का जिक्र किया, जो कांग्रेस के रणनीतिकार माने जाते थे। अहमद पटेल का निधन 25 नवंबर 2020 को हुआ था। जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने संजय राउत के दावे को सिरे से नकार दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी कोई बात कभी नहीं हुई थी।
शिवसेना (शिंदे गुट) का पलटवार
शिवसेना (शिंदे गुट) की नेता शाइना एनसी ने संजय राउत के बयान को ‘बेबुनियाद’ बताया। उन्होंने कहा, “संजय राउत तो हर सुबह बड़बड़ करते हैं, उन्हें कौन सीरियसली लेता है। शाइना एनसी ने यह भी कहा कि एकनाथ शिंदे ने अपने बलबूते पर असली शिवसेना बनाई है। उन्होंने दावा किया कि जब शिंदे ने उद्धव ठाकरे की शिवसेना छोड़ी, तब 40 विधायक उनके साथ आए थे और अब यह संख्या 60 हो गई है।
नाना पटोले के बयान से मचा था हंगामा
महाराष्ट्र कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नाना पटोले ने हाल ही में एकनाथ शिंदे और अजित पवार को सीएम पद के वादे के साथ विपक्षी गठबंधन में शामिल होने का प्रस्ताव दिया था। इस पर संजय राउत ने कहा कि राजनीति में कुछ भी असंभव नहीं है। उन्होंने कहा, “किसी को नहीं पता था कि 2019 में महाविकास अघाड़ी बनेगा या 2022 में शिंदे सरकार सत्ता में आएगी।
क्या राजनीति में फिर बदल सकता है समीकरण?
महाराष्ट्र की राजनीति में गठबंधन और दल-बदल की घटनाएं आम हो गई हैं। क्या संजय राउत का दावा सच है या सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी? क्या भविष्य में फिर से शिवसेना और कांग्रेस के रास्ते मिल सकते हैं? 2024 के चुनावों से पहले महाराष्ट्र की राजनीति में और कितने बदलाव होंगे। अब सबकी नजरें एकनाथ शिंदे और कांग्रेस के संभावित भविष्य पर टिकी है।





