नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश के संभल जिले में एक शिकायत मिलने के बाद कब्रिस्तान की ज़मीन की नाप-जोख कराई गई। शिकायत में दावा किया गया था कि कब्रिस्तान की ज़मीन पर अवैध रूप से घर और दुकानें बना ली गई हैं। इसके बाद जिला प्रशासन हरकत में आया और जिलाधिकारी (DM) राजेंद्र पेंसिया तथा पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में सर्वे कराया गया।
DM राजेंद्र पेंसिया ने बताई आंखों देखी
नाप-जोख के बाद डीएम राजेंद्र पेंसिया ने बताया कि कब्रिस्तान की कुल 4,780 स्क्वायर मीटर ज़मीन को लेकर शिकायत मिली थी। सर्वे के दौरान पाया गया कि करीब 1,200 से 1,500 स्क्वायर मीटर ज़मीन पर घर और दुकानें बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि मजिस्ट्रेट और पुलिस टीम के साथ मौके पर जाकर पूरी प्रक्रिया की गई है और अब इसकी रिपोर्ट तैयार कर जमा की जाएगी। इससे पहले तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह ने जानकारी दी थी कि यह ज़मीन रेवेन्यू रिकॉर्ड में कब्रिस्तान के तौर पर दर्ज है। उनके अनुसार, यहां कई बड़े मकान और व्यावसायिक दुकानें बन चुकी हैं। सर्वे के दौरान इन सभी स्ट्रक्चर्स की पहचान की जा रही है और अवैध कब्जा करने वालों को नोटिस जारी किए जाएंगे।
20-25 से ज्यादा अवैध स्ट्रक्चर होने का अंदेशा
तहसीलदार ने बताया कि शुरुआती जांच में 20 से 25 से ज्यादा स्ट्रक्चर दिखाई दे रहे हैं। सर्वे पूरा होने के बाद सही संख्या साफ हो जाएगी। यह ज़मीन जामा मस्जिद से लगी हुई है और नियम के मुताबिक इसका इस्तेमाल सिर्फ कब्रिस्तान के रूप में ही होना चाहिए। आरोप है कि भूमाफियाओं ने इस ज़मीन पर कब्जा कर इसे बेच दिया। प्रशासन ने साफ किया है कि नोटिस के बाद कब्जाधारियों के जवाबों की जांच की जाएगी। अगर जवाब कानूनी या संतोषजनक नहीं पाए गए, तो अवैध निर्माण हटाने के लिए कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नाप-जोख के दौरान इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त रही। SSP कुलदीप सिंह के मुताबिक, मौके पर 8 – 9 थानों के SHO, कई इंस्पेक्टर रैंक अधिकारी, PAC, RRF और LIU की टीमें तैनात रहीं। इसके अलावा, पूरे क्षेत्र की निगरानी ड्रोन कैमरों और I-CCC (इंटेलिजेंट कमांड, कंट्रोल एंड कम्युनिकेशन) सिस्टम से की गई।





