नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। समाजवादी पार्टी के संस्थापक और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव का जन्म आज ही के दिन वर्ष 1939 में इटावा जिले के सैफई गांव में हुआ था। राजनीति की दुनिया में ‘नेताजी’ के नाम से मशहूर मुलायम सिंह यादव एक प्रतिष्ठित यादव किसान परिवार से ताल्लुक रखते थे। उस समय सैफई एक बेहद पिछड़ा इलाका माना जाता था, जहां बुनियादी सुविधाओं की भी कमी थी।
गांव से सांसद फिर मुख्यमंत्री तक का सफर
मुलायम सिंह यादव का जन्म सैफई गांव में हुआ, लेकिन उनका बचपन फिरोजाबाद जिले के इटोली गांव में बीता। वे पढ़ाई के साथ-साथ कुश्ती भी करते थे और गांव के युवकों के साथ पशु चराने जाते थे। धीरे-धीरे राजनीति में कदम रखा और लोगों के प्रिय जन नेता बने। साल 1967 में पहली बार वे संसोपा के टिकट पर विधायक चुने गए। इसके बाद उनकी लोकप्रियता और राजनीतिक पकड़ लगातार मजबूत होती गई।
3 बार UP के CM बने नेताजी
1989–1991 पहली बार मुख्यमंत्री जनता दल की सरकार टूटी तो पद छोड़ना पड़ा। 1993-1995 दूसरी बार मुख्यमंत्री बसपा के साथ मिलकर दलित-पिछड़ों की ऐतिहासिक एकजुटता की। 2003-2007 तीसरी बार मुख्यमंत्री इस दौरान वे राज्य की राजनीति के सबसे प्रभावशाली नेता माने गए।
केंद्र में भी बड़ा पद बने देश के रक्षा मंत्री
1996 में संयुक्त मोर्चा सरकार में उन्हें रक्षा मंत्री बनाया गया। हालांकि बाद में केंद्र की राजनीति में भी गठबंधन टूटने की मार उनके करियर पर पड़ी। अयोध्या आंदोलन और गोलीकांड की राजनीति ने उनकी छवि पर बड़ा असर डाला। 1992 में बाबरी मस्जिद गिरने के बाद प्रदेश की राजनीति में बड़ा बदलाव आया। 1992 में उन्होंने समाजवादी पार्टी बनाई। 2012 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने पार्टी को बड़ी जीत दिलाकर बेटे अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाया। हालाँकि एक समय ऐसा आया जब पारिवारिक विवाद बढ़ा और उन्होंने अखिलेश व रामगोपाल को पार्टी से निकालने तक का फैसला लिया, लेकिन बाद में स्थितियाँ फिर सामान्य हुईं।





