back to top
33.1 C
New Delhi
Monday, March 30, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

फतेहपुर में ‘मकबरा बनाम मंदिर’ पर बवाल! तोड़फोड़, तनाव के बीच मायावती की सरकार को चेतावनी- अब सख्ती दिखाओ!

फतेहपुर में एक पुराने मकबरे को लेकर अचानक माहौल गरमा गया है, जहां कुछ हिंदू संगठनों के लोगों द्वारा उस स्थल को मंदिर बताकर हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया। जिसके बाद तोड़फोड़ और नारेबाजी हुई।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। फतेहपुर में एक पुराने मकबरे को लेकर अचानक माहौल गरमा गया है। सोमवार को कुछ हिंदू संगठनों के लोग वहां पहुंचे और उस स्थल को मंदिर बताकर हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया। इसके बाद तोड़फोड़ और नारेबाजी हुई, जिससे इलाके में तनाव फैल गया। मामला बढ़ते देख अब इस पर बसपा सुप्रीमो मायावती की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने सरकार को सख्त लहजे में चेताया है कि इस तरह के मामलों को हल्के में लेना ठीक नहीं और समाज में भाईचारा बिगाड़ने वाले किसी भी तत्व को बख्शा न जाए।

मकबरा या मंदिर? कैसे शुरू हुआ बवाल

फतेहपुर जिले के एक सुनसान मकबरे को लेकर कुछ हिंदू संगठनों ने दावा किया कि यह स्थान एक प्राचीन मंदिर था। जो सोमवार सुबह सैकड़ों लोग वहां पहुंचे, और धार्मिक अनुष्ठान शुरू कर दिए। इसके बाद वहां हनुमान चालीसा पढ़ी गई, झंडे लगाए गए और परिसर में तोड़फोड़ भी हुई।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई: 150 से ज्यादा पर केस दर्ज

फतेहपुर पुलिस ने अब तक 150 से अधिक लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है, सांप्रदायिक तनाव भड़काने, अवैध अनुष्ठान और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप शामिल हैं। पुलिस ने मौके पर भारी बल तैनात कर स्थिति को नियंत्रित किया। सीसीटीवी और वीडियो फुटेज खंगाले जा रहे हैं। 

मायावती की कड़ी प्रतिक्रिया: सरकार को चेतावनी

बसपा प्रमुख मायावती ने मंगलवार सुबह ट्वीट करते हुए कहा, फतेहपुर में मकबरा और मंदिर को लेकर चल रहे विवाद पर सरकार को किसी भी समुदाय को ऐसा कोई भी कदम नहीं उठाने देना चाहिए जिससे साम्प्रदायिक तनाव पैदा हो जाए तथा आपसी भाईचारा व सद्भाव भी बिगड़े।उन्होंने आगे कहा कि यदि स्थिति बिगड़ती है, तो सरकार को “सख्त कानूनी कार्रवाई से पीछे नहीं हटना चाहिए।”

फिलहाल, जमीन पर हालात तनाव कायम है और पुलिस चौकसी दे रही है। स्थानीय लोग डरे हुए हैं, बाजारों में सन्नाटा है। साथ ही प्रशासन ने अपील की है कि, यहां शांति बनाए रखें, अफवाहों से बचें।

क्या है मकबरे का इतिहास?

विवादित स्थल का कोई ऐतिहासिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है।कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि यह ब्रिटिश काल का मकबरा है, वहीं कुछ हिंदू संगठन इसे ‘पुराना शिव मंदिर’ बता रहे हैं। वहीं कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि “इतिहास को राजनीति का मोहरा बनाया जा रहा है”, जबकि कुछ लोग इसे धार्मिक जागरूकता का हिस्सा बता रहे हैं।

Advertisementspot_img

Also Read:

Kanthi Dakshin Seat: लगातार दूसरी बार BJP के खाते में जाएगी यह सीट या बदलाव की बहेगी बयार? जानिए सियासी समीकरण

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। Kanthi Dakshin Seat पश्चिम बंगाल की 294 सीटों में शामिल है और इसे राज्य का 216वां निर्वाचन क्षेत्र माना जाता है।...
spot_img

Latest Stories

FASTag हुआ महंगा: 1 अप्रैल से बढ़ेगी फीस, जानिए क्या है एनुअल पास और किन वाहनों पर होगा असर

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। हाईवे पर नियमित सफर करने वाले...

अप्रैल महीने में जरूर खाएं ये सुपरफूड्स, सेहत रहेगी अच्छी

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। अप्रैल आते ही समझो गर्मियां...

Chardham Yatra 2026: ग्रीन कार्ड बनवाने के लिए किन दस्तावेजों की होगी जरूरत, जानें पूरी प्रक्रिया

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। उत्तराखंड में होने वाली Chardham Yatra...
⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵