नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। कोलकाता में ट्रेनी महिला डॉक्टर की रेप के बाद निर्मम हत्या ने पूरे देश को हिला कर रख दिया था। इस घटना के बाद चर्चा में आए आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में फिर से हंगामा हो गया है। इस बार हंगामे का कारण एक युवक के इलाज में अस्पताल के डॉक्टरों की देरी करने को बताया जा रहा है, जिसकी वजह से युवक की मौत हो गई। मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार 6 सितंबर 2024 को पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के कोन्नगर के एक 28 वर्षीय युवक बिक्रम भट्टाचाजी को दोपहर के समय में ट्रक ने कुचल दिया था। जिसको तुरंत इलाज के लिए कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में ले जाया गया था, जहां उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।
इतने समय में तो उसकी सर्जरी भी हो जानी चाहिए थी
वहीं युवक की मौत हो जाने के बाद आरजी कर मेडिकल अस्पताल में हंगामा शुरू हो गया था। मृतक की मां कबिता ने अस्पताल पर आरोप लगाए हैं कि वहां इमरजेंसी में भी डॉक्टर मौजूद नहीं थे। जिसके कारण उनके बेटे की इलाज में देरी के कारण मौत हो गई। कबिता ने कहा कि मेरे बेटे के इलाज में इतनी देरी कर दी थी कि इतने समय में तो उसकी सर्जरी भी हो जानी चाहिए थी।
उसको तुरंत सीटी स्कैन के लिए ले जाया गया था: आरजी कर अस्पताल
मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार आरजी कर मेडिकल अस्पताल के अधिकारियों ने दावा किया है कि मृतक के परिजन गलत आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिक्रम भट्टाचाजी को आरजी कर मेडिकल अस्पताल लाने के बाद तुरंत ट्रॉमा केयर में ले जाया गया था। बिक्रम के शरीर के दो अंगो पर गंभीर चोट थी, इसके अलावा उसके सिर पर भी गंभीर चोट का भी पता चला था, उसको तुरंत सीटी स्कैन के लिए ले जाया गया था। जैसे ही सीटी स्कैन की तैयारी की जा रही थी तो बिक्रम को सांस लेने में परेशानी हो रही थी और उसकी मौत हो गई।





