नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क/ कोलकाता के RG Kar मेडिकल कॉलेज में हुई PG ट्रेनी डॉक्टर से रेप और मर्डर की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था। इस घटना के विरोध में देशभर के डॉक्टरों ने प्रदर्शन किया। आज 161 दिन बाद सियालदह अदालत ने इस मामले में दोषी संजय रॉय को उम्रकैद की सजा सुनाई।
क्या है RG Kar अस्पताल रेप-मर्डर केस?
9 अगस्त 2024 को RG Kar मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक पोस्ट-ग्रेजुएट ट्रेनी डॉक्टर का शव सेमिनार हॉल की तीसरी मंजिल पर मिला था। शव अर्धनग्न अवस्था में पाया गया, जिससे पूरे देश में हड़कंप मच गया।
मामले में मुख्य आरोपी कौन?
इस घटना के बाद 10 अगस्त को कोलकाता पुलिस ने अस्पताल के सिविक वालंटियर संजय रॉय को हिरासत में लिया। बाद में जांच CBI को सौंपी गई, जिसने चार्जशीट में संजय रॉय को मुख्य आरोपी बनाया। और 18 जनवरी को यह साबित हो गया कि संजय रॉय ही इस घटना का दोषी है।
मामले की अहम घटनाएं – पूरी टाइमलाइन
9 अगस्त: PG ट्रेनी डॉक्टर का शव RG Kar मेडिकल कॉलेज में मिला।
10 अगस्त: आरोपी संजय रॉय गिरफ्तार, डॉक्टरों का विरोध प्रदर्शन शुरू।
12 अगस्त: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 7 दिन में केस सुलझाने का निर्देश दिया, प्रिंसिपल संदीप घोष ने इस्तीफा दिया।
13 अगस्त: कलकत्ता हाईकोर्ट ने मामले को CBI को सौंपा।
14-15 अगस्त: CBI जांच शुरू, देशभर में विरोध प्रदर्शन तेज।
16-18 अगस्त: अस्पताल में तोड़फोड़, कई प्रदर्शनकारी गिरफ्तार, सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया।
20 अगस्त: सुप्रीम कोर्ट ने डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए नेशनल प्रोटोकॉल बनाने का आदेश दिया।
24-25 अगस्त: CBI ने आरोपी संजय रॉय समेत अन्य संदिग्धों का लाई डिटेक्शन टेस्ट कराया और कई ठिकानों पर छापेमारी की।
2 सितंबर: RG Kar के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष को वित्तीय धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
14 सितंबर: कोलकाता पुलिस अधिकारी अभिजीत मंडल को सबूत मिटाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
3 अक्टूबर: न्याय में देरी के चलते डॉक्टरों ने भूख हड़ताल शुरू की।
7 अक्टूबर: CBI ने चार्जशीट दाखिल कर संजय रॉय को मुख्य आरोपी बताया।
11 नवंबर: मामले का ट्रायल शुरू हुआ।
18 जनवरी: सियालदह कोर्ट ने इस बहुचर्चित मामले में फैसला सुनाया।
20 जनवरी: आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की महिला डॉक्टर के दोषी संजय रॉय को आज उम्रकैद की सजा सुना दी गई।





