नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश के बरेली से सिटी मजिस्ट्रेट रहे अलंकार अग्निहोत्री ने अपने इस्तीफे के बाद राजनीतिक क्षेत्र में कदम रखने का बड़ा ऐलान कर दिया है। 13 फरवरी 2026 को विजय एकादशी के शुभ अवसर पर वृंदावन में बांके बिहारी जी के दर्शन करने के बाद उन्होंने घोषणा की कि सनातनी समाज के साथ मिलकर वे नई राजनीतिक पार्टी बनाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पार्टी वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था से अलग अपनी पहचान और सिद्धांतों के आधार पर काम करेगी।
पार्टी का उद्देश्य और दृष्टिकोण
अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि उनका उद्देश्य सनातनी समाज को एक सशक्त राजनीतिक विकल्प प्रदान करना है। उन्होंने आगे कहा, जिस तरह सम्मान के साथ अपना दल, निषाद पार्टी और राजभर पार्टी कार्य कर रही हैं, उसी प्रकार हम अपनी सनातनी पहचान के साथ राजनीतिक रूप से सक्रिय होंगे। इसके लिए चाहे हमें गठबंधन करना पड़े या अकेले चुनाव लड़ना पड़े, हम तैयार हैं।
गठबंधन या अकेले चुनाव लड़ने की योजना?
उन्होंने यह भी कहा कि जल्द ही वे भारत निर्वाचन आयोग के समक्ष नई पार्टी के पंजीकरण के लिए आवेदन करेंगे। उन्होंने सनातनी समाज के लोगों का आभार जताया और भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उनका कहना है कि पार्टी की गतिविधियों का उद्देश्य समाज को संगठित करना और राजनीतिक रूप से मजबूत बनाना होगा।
निर्वाचन आयोग में आवेदन
अलंकार अग्निहोत्री का यह कदम उनके इस्तीफे के बाद लगातार चर्चा में रहा। बीते महीने उन्होंने यूजीसी एक्ट समेत कई मुद्दों पर विरोध जताते हुए अपने पद से इस्तीफा दिया था। हालांकि, उनका इस्तीफा तत्काल स्वीकार नहीं किया गया और उन्हें सस्पेंड कर उनके खिलाफ जांच प्रक्रिया शुरू की गई थी। इस विवादित दौर के बाद उनका राजनीतिक ऐलान नई दिशा की ओर इशारा करता है।
इस्तीफे के बाद चर्चा का केंद्र
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि अलंकार अग्निहोत्री की नई पार्टी आगामी चुनावों में सनातनी समाज के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक विकल्प बन सकती है। उनका यह कदम उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई हलचल लाने वाला साबित हो सकता है। नई पार्टी के गठन के साथ ही यह देखना होगा कि भविष्य में वे किन मुद्दों पर जोर देंगे और किस तरह गठबंधन या अकेले चुनाव लड़ने की रणनीति अपनाएंगे।
चुनाव और राजनीतिक संभावनाएँ
अलंकार अग्निहोत्री ने यह स्पष्ट किया है कि उनकी पार्टी का लक्ष्य समाज को संगठित करना, पारंपरिक और सनातनी मूल्यों के आधार पर राजनीतिक विकल्प देना और उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई पहचान बनाना होगा। इस ऐलान के साथ ही उनकी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत हो चुकी है और आने वाले समय में उनका प्रभाव क्षेत्र और विस्तार देखने को मिलेगा।
पार्टी का लक्ष्य और भविष्य की रणनीति
अंततः, बरेली सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देने के बाद अलंकार अग्निहोत्री का यह ऐलान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने अपनी नई पार्टी के माध्यम से सनातनी समाज को राजनीतिक दृष्टिकोण से सशक्त करने का लक्ष्य रखा है और यह कदम आने वाले चुनावों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।





