नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। पिछले साल अक्टूबर 2024 को देश ने अपना सबसे बड़ा रतन खो दिया। रतन टाटा सिर्फ बिजनेस लीजेंड नहीं थे, बल्कि एक नेकदिल इंसान भी थे। जहां जीते जी उन्होंने अपने साथ काम करने वाले लोगों का बखूबी ख्याल रखा है तो वहीं मौत के बाद भी उन्हें कोई तकलीफ न हो, इसका भी इंतजाम वे अपनी वसीयत में कर गए।
वसीयत में कई लोगों का लोन माफ किए जाने का भी जिक्र
रतन टाटा अपने कुक, क्लीनर और ड्राइवर से लेकर पालतू कुत्ते व अन्य स्टाफ के नाम करोड़ों रुपये की वसीयत लिखकर गए हैं। इसके साथ ही उनकी वसीयत में कई लोगों का लोन माफ किए जाने का भी जिक्र है। वहीं उन्होंने अपने अंतिम संस्कार के लिए सिर्फ ₹2500 रुपये ही रखे.
करोड़ों रुपये छोड़कर गए हैं
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार रतन टाटा ने अपनी वसीयत में उनके चाहने वालों का बखूबी ध्यान रखा है। वे इस दुनिया से जाने के बाद भी अपनों को तकलीफ में नहीं देखना चाहते थे, यही कारण है कि वे उनके लिए करोड़ों रुपये छोड़कर गए हैं।
कर्मचारियों द्वारा लिया गया कर्ज उनकी तरफ से दिया गया तोहफा
रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने अपनी वसीयत में उनके घर और ऑफिस में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए 3.5 करोड़ से ज्यादा की राशि छोड़ी है। उन्होंने अपने कार क्लीनर, चपरासी और अन्य स्टाफ के सभी कर्ज भी माफ कर दिए। उन्होंने 7 साल से ज्यादा सेवा देने वाले कर्मचारियों को 15 लाख और अंशकालिक कर्मचारियों व कार क्लीनरों को ₹1 लाख देने का निर्देश भी अपनी वसीयत में दिया है। 23 फरवरी 2022 को बनाई गई अपनी वसीयत में रतन टाटा ने लिखा कि उनके कर्मचारियों द्वारा लिया गया कर्ज अब उधार नहीं बल्कि उनकी तरफ से दिया गया तोहफा माना जाए।
कुक के नाम 1 करोड़ रुपए
रतन टाटा के लिए लंबे समय तक खाना बनाने वाले रसोइये राजन शॉ 1 करोड़ से अधिक रुपए मिले हैं। वहीं इसमें से 51 लाख रुपये का उधार माफ कर दिया है। उनके बटलर सुब्बैया कोनार को 66 लाख और उनकी सचिव डेलनाज़ गिल्डर को 10 लाख रुपये दिए गए हैं। वहीं टाटा की वसीयत को पूरा करने के लिए टाटा ट्रस्ट्स के ट्रस्टी दारियस खंबाटा और अन्य लोगों को 5 लाख रुपए इनाम के तौर पर दिए जाने का जिक्र भी उनकी वसीयत में है।
सेक्रेटरी और ड्राइवर के नाम इतने रुपए
रतन टाटा ने सेक्रेटरी दिलनाज गिल्डर को 10 लाख रुपये तक दिए हैं। इसके अलावा एग्जीक्यूटिव असिटेंट शांतनु नायडू को पढ़ाई के लिए 1 करोड़ रुपये दिए थे। जिसे माफ कर दिया गया है। वहीं टाटा के ड्राइवर राजू लियोन को 1.5 लाख रुपये मिले हैं। वहीं उनका 18 लाख रुपये का उधार माफ कर दिया गया है।
इन सभी को 5-5 लाख रुपये दिए गए हैं
इसके अलावा रतन टाटा ने दो सौतेली बहन, शीरीन जेजेभोय, डीना जेजेभोय, दोस्त मेहली मिस्त्री और टाटा ट्रस्ट्स के ट्रस्टी डेरियस खंबाटा को अपनी वसीयत का एग्जीक्यूटर बनाया है। वहीं इन सभी को इतने प्रयासों के लिए 5-5 लाख रुपये दिए गए हैं।
पालतू कुत्ते ‘टीटो’ को 12 लाख रुपये
रतन टाटा ने अपने कुत्ते जर्मन शेयर्ड टीटो के लिए 12 लाख रुपये दिए हैं, टाटा अपने इस पालतू कुत्ते से बहुत प्यार करते थे। ये पैसे हर तीन महीने 30 हजार रुपए की किस्त पर खर्च किए जाएंगे। टाटा के जाने के बाद उसकी देखभाल की जिम्मेदारी कुक रंजन शॉ को सौंपी गई है।





