नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में हुए भारी भूस्खलन के बाद हालात बेहद खराब हो गए हैं। जब मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला हालात का जायजा लेने रामबन पहुंचे तो स्थानीय लोगों ने उनका काफिला रोक लिया। लोगों ने सीएम के सामने अपनी समस्याएं रखीं और तुरंत राहत की मांग की।
महिलाएं गाड़ियों के सामने खड़ी हो गईं
प्रभावित इलाकों के लोगों, खासकर महिलाओं ने, मुख्यमंत्री की गाड़ी के सामने खड़े होकर अपना दुखड़ा सुनाया। उनका कहना था कि तीन दिन से न बिजली है, न पानी, और न ही राशन की कोई व्यवस्था की गई है। लोग पूरी तरह से परेशान हैं।
सीएम ने दिया मदद का भरोसा
स्थिति को समझते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गाड़ी से उतरकर लोगों से बातचीत की और उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिया। उन्होंने कहा, “हम आपकी सभी समस्याओं का समाधान करेंगे, आप हमारी कार को आगे जाने दें ताकि अधिकारी जल्द राहत कार्य शुरू कर सकें।” इसके बाद लोग शांत हो गए और काफिला आगे बढ़ा।
जनता से संवाद और आश्वासन
उमर अब्दुल्ला ने जनता से सीधे संवाद करते हुए अपील की कि वे काफिले को आगे बढ़ने दें और आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राहत कार्यों में गति लाने के निर्देश दिए और कहा कि सरकार की प्राथमिकता पहले जान बचाना थी, जो सफलतापूर्वक हुआ। अब अगली प्राथमिकता यातायात बहाली है। रामबन के पास बादल फटने से श्रीनगर-जम्मू हाईवे बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है और यातायात पूरी तरह बंद है। हाईवे पर गाड़ियों का फंसा होना यात्रियों के लिए गंभीर समस्या बन गया है। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि अधिकारियों ने 24 घंटे में हाईवे को सिंगल ट्रैक के तौर पर खोलने का आश्वासन दिया है। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार, खासतौर पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से सहयोग की बात भी कही।
डिप्टी सीएम और विधायक पहले ही पहुंचे थे
मुख्यमंत्री के आने से पहले उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी, रामबन के विधायक अर्जुन सिंह राजू और बनिहाल के विधायक सज्जाद शाहीन ने मौके का दौरा किया था। उन्होंने मुख्यमंत्री के निर्देशों पर प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया और राहत कार्यों की समीक्षा की।





