नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश सरकार ने बरेली में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। एसडीएम सदर राम जनम यादव को बरेली का नया सिटी मजिस्ट्रेट प्रभारी नियुक्त किया गया है। यह जिम्मेदारी उन्हें नगर मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के निलंबन के बाद सौंपी गई है। आदेश मिलते ही राम जनम यादव ने तत्काल प्रभाव से पदभार संभालकर कामकाज शुरू कर दिया है।
शासन का त्वरित फैसला
कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर फोकस अलंकार अग्निहोत्री के निलंबन के बाद शासन ने बिना देर किए प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव किया। सरकार का साफ उद्देश्य है कि बरेली में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक कामकाज पर कोई असर न पड़े, इसी वजह से एसडीएम सदर को ही अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
कौन हैं राम जनम यादव?
राम जनम यादव उत्तर प्रदेश कैडर के 2020 बैच के पीसीएस अधिकारी हैं। वे सिद्धार्थनगर जिले के मूल निवासी हैं और उन्होंने M.Sc गणित की पढ़ाई की है। प्रशासनिक सेवा में आने के बाद उन्होंने कई जिलों में अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं। तहसीलदार से SDM और अब सिटी मजिस्ट्रेट तक बस्ती और गाजियाबाद में नायब तहसीलदार के रूप में सेवाएं दीं, अयोध्या में तहसीलदार के पद पर कार्य किया जून 2021 में पदोन्नति के बाद प्रतापगढ़ में पहली बार SDM बने करीब तीन साल चित्रकूट में SDM के रूप में तैनात रहे वर्ष 2024 से बरेली में SDM के पद पर कार्यरत हैं। अब शासन ने उन्हें SDM के साथ-साथ सिटी मजिस्ट्रेट का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है।
अलंकार अग्निहोत्री विवाद क्या है?
यूजीसी नियम और शंकराचार्य मामले से जुड़ा विवाद नगर मजिस्ट्रेट रहे अलंकार अग्निहोत्री ने यूजीसी के नए नियम, और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद व उनके बटुकों के साथ माघ मेले में हुई कथित बदसलूकी से नाराज होकर अपने पद से इस्तीफा दिया था। हालांकि, शासन ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया और पूरे मामले में जांच के आदेश दिए। अलंकार अग्निहोत्री ने सरकार पर ब्राह्मण विरोधी होने का आरोप लगाया। इसके बाद उन्होंने डीएम बरेली अविनाश सिंह पर जबरन रोकने, और प्रलोभन देने जैसे आरोप भी लगाए।





