नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश के संभल जिले में मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई हिंसा ने पूरे देश को हिला कर रख दिया था। अब राजस्थान के अजमेर शरीफ दरगाह को लेकर देश में इसकी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। दरअसल, राजस्थान की एक निचली अदालत में हिन्दू पक्ष ने अजमेर शरीफ दरगाह को हिन्दू मंदिर बताते हुए याचिका दायर की थी। जिसको निचली अदालत ने सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। अब अजमेर शरीफ दरगाह मामले पर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद राम गोपाल यादव का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने इसको लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा है।
“BJP समर्थित लोग सत्ता में बने रहने के लिए कुछ भी कर सकते हैं”
अजमेर शरीफ दरगाह मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद राम गोपाल यादव ने कहा है कि हमारे न्यायालयों में ऐसे छोटे-छोटे जज बैठे हैं जो देश में आग लगवाना चाहते हैं। इसके बाद राम गोपाल यादव ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद अजमेर शरीफ दरगाह में चादर भिजवाते हैं।
देश दुनिया से लोग अजमेर शरीफ दरगाह आते हैं, इस तरह से अजमेर शरीफ दरगाह को विवादों में डालना बहुत ही घृणित और ओछी मानसिकता को दर्शाता है। भारतीय जनता पार्टी के समर्थित लोग सत्ता में बने रहने के लिए कुछ भी कर सकते हैं। देश का माहौल कितना भी खराब हो जाए इससे इन्हें कोई मतलब नहीं है।
अजमेर दरगाह में महादेव का मंदिर हुआ करता था: हिन्दू सेना
मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, हिन्दू सेना ने अजमेर शरीफ दरगाह मामले में राजस्थान की एक निचली अदालत में याचिका दायर की है, जिसको निचली अदालत ने सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने मीडिया को बताया है कि अजमेर शरीफ दरगाह में पहले शिव मंदिर हुआ करता था। विष्णु गुप्ता ने इस मामले में राजस्थान की निचली अदालत को 1910 में प्रकाशित एक पुस्तक का हवाला दिया है। जिसमे बताया गया है कि अजमेर शरीफ दरगाह में महादेव का मंदिर हुआ करता था, जिसको बाद में अजमेर शरीफ दरगाह में बदल दिया गया था।





